श्री पारस अस्पताल प्रकरण: 12वें मृतक के पिता
- फोटो : अमर उजाला
मैंने नहीं किया कभी भरोसा
मैं प्रशासन और सरकार की बात पर कभी भरोसा नहीं करता। आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं होती। राशन कार्ड, नाली के लिए सुनवाई नहीं होती तो इतने बड़ आदमी के खिलाफ क्या होता। 2020 में भी अस्पताल पर मुकदमा हुआ था। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। फिर उसकी सील भी खुल गई। दो-तीन महीने बाद ये सील भी खुल जाएगी। प्रशासन ने अपनी गर्दन बचाने के लिए क्लीनचिट दी है। भ्रष्टाचार हुआ है। जिसने अरबों रुपये कमाए हों, वो करोड़ों फूंक देगा। मुझे शुरू से ही भरोसा नहीं था। मेरी पत्नी से ज्यादा मुझे मेरे जवान बेटे का दुख है। बहू विधवा हो गई। उसके दो बच्चे हैं। बेटा ही घर का अकेला कमाने वाला था। - नत्थीलाल, मधु नगर