आगरा में मरम्मत करते समय पांच दुकानें ढह गईं। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात घायल हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद एडवांस रेस्क्यू टेंडर से मलबा हटवाया गया। अग्निशमन विभाग के सीएफओ सहित 22 कर्मचारियों ने बचाव कार्य की कमान संभाली।
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मलबे में दबे लोगों को निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के सेक्टर 7 में दुकानों के गिरने के बाद मलबे में दबे लोगों की जिंदगियां बचाना आसान नहीं था। जगदीशपुरा पुलिस मौके पर पहुंच जरूर गई थी, लेकिन पुलिसकर्मियों के पास मलबा हटाने के कोई इंतजाम नहीं थे। घटना के 15 मिनट बाद ही दमकल की टीम भी पहुंच गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह पहुंचे तो अपने साथ एडवांस रेस्क्यू टेंडर भी लेकर गए थे। इसमें मलबा हटाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण से लेकर ड्रिल और कटिंग मशीन के साथ जनरेटर की सुविधा भी रहती है, जिससे मलबे को जल्द से जल्द हटाया जा सके।
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मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए लोग
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एडवांस टेंडर के इस्तेमाल से हटाया मलबा
यही वजह रही कि समय रहते सात लोगों को बचा लिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि एडवांस रेस्क्यू टेंडर का प्रयोग आपात स्थिति के लिए महाकुंभ के दौरान किया गया था। महाकुंभ संपन्न होने के बाद मार्च में आगरा कमिश्नरेट को भी एक टेंडर मिली है। इस टेंडर में ड्रिल मशीन, कटिंग मशीन, मिनी बुलडोजर, जनरेटर फावड़े आदि रखे रहते हैं। जब उन्हें पता चला कि पांच दुकानें गिर गई हैं तो एडवांस टेंडर को भी ले आए।
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उनके साथ 22 दमकलकर्मी भी शामिल थे, जिन्हें मलबा हटाने का प्रशिक्षण मिला हुआ है। उन्होंने स्थानीय लोगों और पुलिस के साथ मिलकर हाइड्रोलिक कटिंग मशीन की मदद से पत्थरों को काटा, फावड़े से भी मलबा हटाया गया। इससे लोगों को निकालने में मदद मिलती रही। इस टेंडर का प्रयोग आगरा में पहली बार किया गया।
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खाकी ने निभाया फर्ज देवदूत बन आए लोग
ढही दुकानों के गर्डर और पत्थरों के नीचे दबे लोगों के कराहने की आवाजें आ रही थीं। आसपास के लोगों और पुलिस ने मलबा हटाने का प्रयास किया लेकिन हटाना इतना आसान नहीं था। दो बुलडोजर मंगाए गए। पुलिस के साथ देवदूत की भूमिका में स्थानीय लोग भी मदद में लग गए। मलबे में नौ लोग दबे थे। कोई गर्डर उठा रहा था तो कोई पत्थरों को हटाने में लगा था। बुलडोजर आने में करीब 20 मिनट का समय लग गया। दो बुलडोजरों से मलबा हटाकर सात लोगों की जान बचा ली गई।
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आवास विकास में पांच दुकानें ढहीं, दो भाइयों की मौत
आगरा में आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 में पुलिस चौकी के पास शनिवार शाम बड़ा हादसा हुआ। दो दुकानों के बीच की दीवार हटाने के दौरान पांच दुकानें छत सहित ढह गईं। दुकान मालिकों समेत नौ लोग मलबे में दब गए। तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबे से घायलों को निकाला। हादसे में दो भाइयों किशनचंद उपाध्याय और विष्णु उपाध्याय की मौत हो गई। सात घायल हैं।
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आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 निवासी शिवशंकर शर्मा के घर के अगले हिस्से में पांच दुकानें बनी हैं। शिवशंकर पत्नी विजयलक्ष्मी के साथ रहते हैं। उन्होंने अपनी एक दुकान भांजे ब्रजेश और त्रिलोकी को दे रखी है, जो परचून की दुकान चलाते हैं।
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दूसरी दुकान शिवशंकर के भाई किशनचंद और तीसरी विष्णु की है। अन्य दो दुकानों में तीसरे भाई पुष्कर जबकि पांचवीं दुकान विष्णु की पत्नी रेखा की है। पुष्कर और विष्णु की दुकानों में शराब का ठेका चलता था, जो एक अप्रैल को बंद हो गया। इसके बाद दोनों भाई दुकानों के बीच की दीवार तोड़कर दायरा बड़ा करा रहे थे।
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मलबे में दबे ग्राहक और मजदूर
बल्लियां लगी थीं और मजदूर काम कर रहे थे। त्रिलोकी की दुकान भी खुली थी। दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक सभी पांच दुकानें भरभराकर गिर गईं। दुकानों में काम कर रहे लोग और ग्राहक मलबे में दब गए।
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जेसीबी की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकाला
लोगों ने सेक्टर-4 पुलिस चौकी के सिपाहियों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में जगदीशपुरा थाने की फोर्स भी पहुंच गई। इस दौरान लोहे का गर्डर लगने से इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह घायल हो गए। पुलिस ने जेसीबी की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकाला। एक मजदूर के दोनों पैर लोहे के जाल में दबे थे। कटर से काटने पर पैर कटने का डर था। काफी जद्दोजहद के बाद उसे निकाला जा सका।
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मलबे में ये लोग भी दबे थे
मजदूर अर्जुन निवासी टीकमगढ़ मध्य प्रदेश, ग्राहक सोनू निवासी बसई खुर्द ताजगंज और दीपक सेन निवासी सेक्टर 8, जगदीशपुरा, ब्रजेश शर्मा दुकानदार, अजय चहर निवासी बीधा नगर बोदला, पुष्कर उपाध्याय, किशन और विष्णु उपाध्याय मलबे में दबे थे, जिन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
मलबे में दबे लोगों को निकालते लोग
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शाम साढ़े 6 बजे तक चला बचाव कार्य
सूचना पर एंबुलेंस भी पहुंच गई। इसके बाद जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, डीसीपी सिटी सोनम कुमार, कई थानों की फोर्स, नगर निगम की बचाव टीमें भी पहुंच गई। मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शाम साढ़े छह बजे तक चला। इस दौरान किशनचंद उपाध्याय (65) और विष्णु उपाध्याय (60) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सात लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर है। हादसे की जानकारी मिलने पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, नवीन गौतम, पार्षद गौरव शर्मा, डॉ. पार्थसारथी, जितेंद्र फौजी भी मौके पर पहुंचे।