सोशल मीडिया जरूरतमंदों के लिए मददगार साबित हो रहा है। दिल्ली के 'बाबा का ढाबा' और आगरा के 'कांजी बड़े वाले बाबा' के बाद 'रोटी वाली अम्मा' की मदद के लिए लोग आगे आए। आगरा में सड़क किनारे 20 रुपये में लोगों को भरपेट खाना खिलाने वाली 'रोटी वाली अम्मा' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद उनकी दुकान की तस्वीर बदल गई है। उनकी दुकान पर ग्राहक भी बढ़ गए। इससे वह गदगद हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हाथ पैर चलेंगे, वह काम करती रहेंगी।
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आगरा में रोटी वाली अम्मा के यहां खाना खाते लोग
- फोटो : ANI
80 साल की अम्मा भगवान देवी आगरा के सेंट जोंस के पास सड़क किनारे रोटी बनाती हैं। 20 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन कराती हैं लेकिन कोरोना काल में आमदनी बहुत कम रह गई है। भगवान देवी के पति की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद बेटों ने उन्हें घर से निकाल दिया, लेकिन भगवान देवी ने हार नहीं मानी। 80 साल की उम्र में भी वह आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।
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आगरा में रोटी वाली अम्मा के पास पहुंची डूडी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
सड़क किनारे खाना बनाते हुए 'रोटी वाली अम्मा' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपये दिए गए। डूडा के कर्मचारी 'रोटी वाली अम्मा' के पास लैपटॉप और अन्य कागजात लेकर पहुंचे थे। हाथों-हाथ रजिस्ट्रेशन कराने के बाद रोटी वाली अम्मा के बैंक खाते में धनराशि भेज दी।
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आगरा में रोटी वाली अम्मा: भगवान देवी को मिला फूड वाहन
- फोटो : अमर उजाला
डूडा के बाद यूरो सेफ्टी ग्रुप ऑफ कंपनीज ने शुक्रवार को रोजर फाउंडेशन के सहयोग से 'रोटी वाली अम्मा' को स्टोव, सिलिंडर और डिस्पोजेबल बर्तन के साथ आधुनिक वाहन दिया गया। इसमें बैटरी, प्रकाश की भी व्यवस्था है। कंपनी के महेश गुप्ता के मुताबिक अम्मा भगवान देवी को स्मार्ट फोन भी उपहार में दिया गया। जिससे वह अपने ग्राहकों से जुड़ सकेंगी।
आगरा में रोटी वाली अम्मा: रोटी बनातीं भगवान देवी
- फोटो : ANI
'रोटी वाली अम्मा' भगवान देवी मोहन मंदिर गली, बाग मुजफ्फर खां की निवासी हैं। उनके पास ठेल वाले, रिक्शा वाले और मजदूर पेट भरने के लिए आते हैं। वह 20 रुपये में भरपेट भोजन कराती हैं। उनकी थाली में रोटी और सब्जी होती है। आसपास के लोग उन्हें रोटी वाली अम्मा कहते हैं। वह 15 साल से लोगों का पेट भर रही हैं। अगर उनके पास कोई गरीब इंसान आता है तो वह उसे बगैर पैसे लिए भी रोटी खिला देती हैं।