फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा डकैती कांड: 9.5 करोड़ का सोना लूट ऑटो से भागे थे बदमाश, रास्ते में ही कर लिया था बंटवारा

Sun, 18 Jul 2021 08:25 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
आगरा डकैती कांड - फोटो : अमर उजाला
आगरा में मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में शनिवार दोपहर को साढ़े नौ करोड़ का डाका डालकर पांच बदमाश 19 किलोग्राम सोना और छह लाख रुपये लेकर पैदल ही भाग गए थे। पुलिस से बचने के लिए हाईवे पर अलग-अलग ऑटो-डग्गामार वाहन में बैठकर कस्बा एत्मादपुर तक पहुंचे। यहां रकम और जेवरात के पैकेट का बंटवारा किया। तीन बदमाश नरेंद्र, अंशू और प्रभात फिरोजाबाद चले गए, जबकि दो निर्दोष और मनीष पांडेय खंदौली रोड पर मेडिकल स्टोर पर रुक गए। लोकेशन मिलने पर इन बदमाशों को पुलिस ने घेरकर मार गिराया। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है। 11.5 किलोग्राम सोने के जेवरात और 4.35 लाख रुपये लेकर फरार तीन बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी हैं, लेकिन वो हाथ नहीं आ सके।

एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि कमला नगर के सेंट्रल बैंक रोड स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के आफिस में शनिवार दोपहर सवा दो बजे पांच बदमाशों ने डाका डाला था। शाखा प्रबंधक विजय नरवरिया, सहायक शाखा प्रबंधक सोनू शर्मा, कर्मचारी रंजीत और विष्णु को बंधक बनाया था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इनमें बदमाश पैदल ही भागते नजर आए। 
विज्ञापन

2 of 6
घटना के संबंध में जानकारी देते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
दो बदमाशों फिरोजाबाद निवासी निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय को पुलिस ने एत्मादपुर में खंदौली रोड पर घेर लिया। मुठभेड़ में दोनों के गोली लगी। घायल अवस्था में पुलिस दोनों को अस्पताल ले गई। इलाज के दौरान निर्दोष और मनीष की मौत हो गई थी। इससे पहले पुलिस ने पूछताछ में अहम जानकारी ले ली थी। उन्होंने अपने तीन साथियों के नाम फिरोजाबाद निवासी नरेंद्र उर्फ लाला उर्फ अनिल, अंशू और प्रभात शर्मा बताए। बदमाशों की बाइक नहीं मिलने पर उनका कहना था कि बदमाश पैदल ही आए थे। पैदल ही भागकर गए। 
विज्ञापन

3 of 6
मुठभेड़ में मारे गए बदमाश निर्दोष और मनीष - फोटो : अमर उजाला
हुलिया बदलने के लिए लाए थे कपड़े
पुलिस ने मनीष पांडेय के बैग से काले रंग की टीशर्ट, अंडरवियर, रुमाल, जींस, 1.65 लाख रुपये, 165 पैकेट इन्वेंट्री (सोने के आभूषण), एक मोबाइल, एक पिस्टल 32 बोर, एक कारतूस बरामद किया। निर्दोष कुमार के बैग से अनुबंध पत्र नोटरी 50, दस के स्टांप क्रेता निर्दोष कुमार, पेन कार्ड, हाफ टीशर्ट, एक गमछा, एक कैप, 135 पैकेट इन्वेंट्री (सोने के आभूषण), काले रंग का पर्स, जिसमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एक एटीएम कार्ड, 200 रुपये, एक मोबाइल, एक पिस्टल 32 बोर, दो कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा घटनास्थल पर 11 खोखा बरामद किए गए। बदमाशों के बैगों से कपड़े बरामद होने से पुलिस का अनुमान है कि बदमाशों ने रेकी के दौरान ही तय कर लिया था कि लूट के बाद कपड़े बदल लेंगे, जिससे कंपनी कर्मचारी पुलिस को हुलिया बताएंगे तो चेकिंग में नहीं पकड़े जा सकेंगे।

4 of 6
घटना के संबंध में जानकारी देते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि गैंग का सरगना फिरोजाबाद का हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र उर्फ लाला उर्फ अनिल है। मुठभेड़ में मारे गए मनीष ने वारदात की योजना बनाई थी। नरेंद्र उर्फ लाला ने कंपनी के ऑफिस में डाका डालने के लिए 20 दिन से आगरा में डेरा डाल लिया था। बदमाश सबसे पहले 28 जून को रेकी करके गए थे। सूत्रों से जानकारी मिली है कि नरेंद्र अपने साथियों के साथ यहीं रुका था। वारदात के बाद पुलिस को चकमा देकर शहर से किस रास्ते से बाहर निकलना है? माल के बंटवारे का स्थान क्या होगा? कितना माल कौन रखेगा? यह सब पहले से तय कर लिया था। 
विज्ञापन

5 of 6
मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी का ऑफिस - फोटो : अमर उजाला
डकैती डालने से पहले कंपनी के ऑफिस में आकर रिहर्सल भी करते रहे। कमला नगर से बाईपास के रास्तों को चेक किया था। यह पहले से तय कर रखा था कि अलग-अलग रास्तों से जाएंगे। बदमाशों के पास से कोई बाइक नहीं मिली है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और सर्विलांस की मदद से यही पता चला कि बदमाश कमला नगर में अलग-अलग हो गए। सर्विस रोड पर आकर ऑटो पकड़कर रामबाग चौराहे पर पहुंचे। यहां से फिर से एत्मादपुर के लिए डग्गामार वाहन में बैठ गए। एत्मादपुर में एक स्थान पर माल का बंटवारा कर लिया। इसके बाद नरेंद्र, अंशू और प्रभात फिरोजाबाद की तरफ चले गए, जबकि मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार खंदौली रोड पर मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए रुके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मारे गए बदमाशों के पास से बरामद हुआ सोना - फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र अपने गैंग में शामिल करता था नए युवक
पुलिस की छानबीन में यह भी पता चला है कि 11.5 किलोग्राम सोने के जेवरात और 4.35 लाख रुपये के साथ फरार हुआ बदमाश नरेंद्र अपने गैंग में नए-नए युवकों को शामिल करता है। वहीं युवक रखता है, जो छोटे अपराध करते हैं। मगर, पकड़े नहीं गए होते हैं। यहा फिर कुछ एक ही मुकदमे दर्ज होते हैं। बड़ी वारदात की योजना बनाता है। यही वजह है कि  मुठभेड़ में मारे गए बदमाशनिर्दोष पर एक भी मुकदमे की जानकारी नहीं मिली है। मनीष पांडेय पर तीन ही मुकदमे हैं। वह तीन महीने जेल में भी रहा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें