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कानपुर मुठभेड़: शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक दिन का वेतन देगी आगरा पुलिस

Sat, 04 Jul 2020 01:12 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मथुरा के शहीद जितेंद्र की अर्थी को कंधा देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों के परिवारों को आगरा पुलिस एक दिन का वेतन देगी। जिला पुलिस ने शुक्रवार को शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही एसएसपी सहित पूरे जिले के पुलिसकर्मियों ने एक-एक दिन का वेतन शहीदों के परिवार वालों को देने का फैसला किया है। 
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आगरा पुलिस ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि ड्यूटी को निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को जनता के साथ ही आगरा पुलिस परिवार को भी गर्व है। पुलिस जनता की सेवा और अपराध पर लगाम लगाने के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर नौकरी करती है। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को आगरा के पुलिसकर्मी और अधिकारी एक-एक दिन का वेतन देंगे।
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शहीदों की फाइल फोटो व बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
कानपुर जिले के बिकरू गांव में गुरुवार की रात कुख्यात बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई थी। इसमें सीओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इनमें आगरा-मथुरा के दो सिपाही भी शामिल हैं। शनिवार को शहीद पुलिसकर्मियों को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। 

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शहीद सिपाही बबलू कुमार को नमन करते राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों की गोली से शहीद हुए आगरा के गांव पोखर पांडेय निवासी सिपाही बबलू कुमार की मौत से परिवार के साथ ग्रामीण और रिश्तेदार भी सदमे में हैं। बबलू के सिपाही बनने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी, लेकिन डेढ़ साल की नौकरी के बाद ही वो दुनिया से ही चले गए। उनके पिता छोटेलाल राजमिस्त्री हैं। 
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शहीद जितेंद्र को श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
मथुरा के शहीद सिपाही जितेंद्र पाल पर भी परिवार की जिम्मेदारी थी। जितेंद्र चार भाई-बहन में सबसे बड़े थे। उनकी उम्र करीब 26 वर्ष थी और अविवाहित थे। जितेंद्र 2018 बैच के सिपाही थे। उनकी पहली तैनाती कानपुर के बिठूर थाने में थी। सिपाही जितेंद्र की शहादत पर परिवारवालों को गर्व है तो गमगीन भी हैं। 
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