आगरा के फतेहपुर सीकरी में 23 जून को ओरियंटल बैंक आफ कामर्स का एटीएम उखाड़कर 9.58 लाख रुपये ले जाने वाला गैंग मेवात और अलवर का था। पुलिस ने मेवात गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार करके 5.30 लाख रुपये बरामद किए हैं। वह कोरई में केनरा बैंक के एटीएम में वारदात करने वाले थे। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीनों को पकड़ लिया, जबकि सरगना सहित तीन बदमाश भाग निकले।
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एटीएम चोरी होने की सूचना के बाद पहुंचे एसपी ग्रामीण, दूसरे चित्र में चोरी हुआ एटीएम
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि विगत 23 जून को फतेहपुर सीकरी के दूरा मोड़ स्थित ओरियंटल बैंक आफ कामर्स के एटीएम को बदमाश उखाड़कर ले गए थे। उसमें 9.58
लाख रुपये थे। इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रभारी कालीचरन ने मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसपीआरए पश्चिमी रवि कुमार के नेतृत्व में टीम को लगाया गया था।
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पुलिस टीम ने पकड़े एटीएम लूट के आरोपी मेवात गैंग के सदस्य
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बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि कोरई स्थित केनरा बैंक के एटीएम की बोलेरो सवार बदमाश रेकी कर रहे हैं। इस पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी करके तीन बदमाश पकड़ लिए, जबकि उनके तीन साथी भाग निकले। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के भिवाड़ी के मिठियाबांस निवासी आरिफ उर्फ मुन्ना, पलवल के थाना हथीन स्थित गांव ममोलाका निवासी राहुल और नूहूं स्थित भादस निवासी अज्जर हैं। उनके पास से एक बोलेरो, तीन तमंचे, आठ कारतूस, 5.30 लाख रुपये बरामद किए हैं। वहीं कटर, आरी, कुल्हाड़ी, पेचकस, हार्ड डिस्क आदि बरामद की हैं। फरार आरोपियों में अलवर के अलावड़ा निवासी असलम उर्फ चीलू, अलवर के अलावड़ा निवासी मौसम और नूहूं निवासी जाविर हैं। असलम गैंग का सरगना है।
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एसएसपी बबलू कुमार
एसएसपी ने बताया कि बदमाश रात में 1:40 बजे आए थे। 2:28 बजे चले गए थे। सीसीटीवी कैमरे में चार बदमाश नजर आ रहे थे। यह सभी नई उम्र के थे। इस पर गैंग की धरपकड़ के लिए पांच साल के अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला गया। एटीएम लूट की घटना में शामिल रहे बदमाशों की जानकारी जुटाई गई। जयपुर में इस घटना से दो दिन पहले इसी तरह की घटना को अंजाम दिया गया था। सीसीटीवी कैमरे और टोल के कैमरे में सफेद रंग की गाड़ी नजर आ गई। इससे पहले 350 गाड़ियों को देखा गया था। एक बदमाश का चेहरा सामने आ गया। घटना में अलवर और मेवात के गैंग की संलिप्तता का पता चलने पर टीम को भेजा गया। गिरोह का सरगना असलम है। वह पहले भी एटीएम उखाड़ने के मामले में जेल जा चुका है। गैंग के सदस्य दो दिन से रेकी कर रहे थे। इसके बाद फतेहपुर सीकरी के एटीएम को चुना गया। घटना वाले दिन सुबह ही बदमाश आ गए थे। ओबीसी का एटीएम एकांत में था। गेट भी अंदर था।
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गैंग के सदस्यों से मिला सामान
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरिफ ओएलएक्स पर भी टपलूबाजी करता है। लोगों के साथ ठगी करके वाहन ले जाने में भी माहिर है। वह
गाड़ी चलाता है। वह एक लाख रुपये में गाड़ी लेकर आया था। उसकी मुलाकात राहुल से हुई थी। वह दोनों पैसा कमाना चाहते थे। इस पर ही असलम के संपर्क में आकर एटीएम चोरी की योजना बनाई। गैंग में इलेक्ट्रीशियन अज्जर और जाबिर भी शामिल हैं। वह औजार लेकर आए थे। गैंग के सदस्य पहले रेकी करते है। ओबीसी के एटीएम तोड़ने चार बदमाश घुसे थे। दो बाहर खड़े होकर निगरानी करते रहे। एटीएम उखाड़ने के बाद भरतपुर होते हुए भाग गए थे। पुलिस को उनके फुटेज मिल गए थे। वारदात से पहले ये करते हैं
तीन तरीके से उखाड़ते हैं एटीएम
सुनसान मार्ग पर एटीएम लगा होने पर गैस कटर का इस्तेमाल करते हैं। गैस कटर से काटने में समय लगता है। मगर, रुपये निकलने पर एटीएम को ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
जहां जल्दी एटीएम तोड़ना होता है, वहां सब्बल का प्रयोग करते हैं। सब्बल से एटीएम को उखाड़कर ले जाते हैं। इसमें आधा घंटे से एक घंटा तक लगता है।
कई बार एटीएम में पट्टा बांध देते हैं। इसके बाद गाड़ी से बांधकर खींचते हैं। इससे एटीएम आसानी से उखड़ जाता है।