फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताजनगरी में नाम बदलने की कहानी, मुगलिया दौर से भी है पुरानी, जानें किसने दिया आगरा नाम

Wed, 16 Sep 2020 07:40 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
ताजमहल आगरा - फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी में किसी जगह या इमारत का नाम रखे जाने और फिर बदले जाने की कहानी मुगलिया दौर से भी पुरानी है। माना जाता है कि लोदी काल में 1505 में सुल्तान सिकंदर लोदी ने शहर को आगरा नाम दिया। मुगलिया दौर में सबसे ज्यादा नाम बदले गए। बादशाह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर ने 1570 में सीकरी का नाम बदलकर फतेहपुर सीकरी कर दिया था। 1645 में अबुल मुजफ्फर शाहबुद्दीन मोहम्मद शाहजहां ने आगरा का नाम अकबराबाद कर दिया था। हालांकि यह ज्यादा चल नहीं पाया, क्योंकि 1648 में मुगलिया राजधानी आगरा से दिल्ली चली गई।
विज्ञापन

2 of 5
आगरा शहर - फोटो : अमर उजाला
इतिहासकार राजकुमार राजे ने बताया कि मुहिउद्दीन मोहम्मद औरंगजेब ने 1658 में सामूगढ़ की लड़ाई में शहजादा बुलंद इकबाल यानी दारा शिकोह को शिकस्त देकर सामूगढ़ का नाम फतेहाबाद कर दिया था। दौर-ए-मुगलिया में आगरा शहर के गली-मोहल्लों और बाजारों के नाम बदल गए थे। घटिया आजम खां, घटिया मामू-भांजा, राजा मंडी, मंटोला, कंगालपाड़ा, शाहगंज ... ये सभी नाम मुगलिया दौर में रखे गए। हर नाम के पीछे एक दिलचस्प कहानी है।
विज्ञापन

3 of 5
पालीवाल पार्क - फोटो : अमर उजाला
अंग्रेजों के दिए नाम बदले
फिरंगी हुकूमत के दौरान रखे गए नाम अलग-अलग सरकारों के समय में बदल दिए गए। जैसे विक्टोरिया पार्क का नाम शाहजहां गार्डन, हेविट गार्डन का पालीवाल पार्क हो गया। ठंडी सड़क एमजी रोड हो गई, कंपनी गार्डन सरदार पटेल उद्यान हो गया।

बसपा राज में बदले विवि-स्टेडियम के नाम
विश्वविद्यालय की स्थापना 1927 में हुई थी। तब नाम था आगरा विश्वविद्यालय। 1995 में प्रदेश में बसपा सरकार के दौरान नाम बदलकर कर दिया डॉ. भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय। इसी साल स्टेडियम का नाम एकलव्य स्टेडियम किया जाने का प्रस्ताव कैबिनेट ने पास किया। इसका नोटिफिकेशन 1996 में जारी हुआ, तब प्रदेश में राष्ट्रपति शासन था।

4 of 5
ड्रोन से ली गई आगरा शहर की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सड़कों के नाम भी बदले
खंदारी रोड का नाम पहले भगीरथी देवी किया गया। वर्ष 2000 में तत्कालीन कमिश्नर अशोक कुमार ने नाम बदलवाया था। भगीरथी देवी उनकी मां का नाम था। उनकी याद में ही यह नाम रखवाया गया था। पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने इस मार्ग का नाम अपने पिता के नाम पर राजा महेंद्र रिपुदमन सिंह मार्ग करने की मांग की। इस पर यह नाम रख दिया गया। अब एनएच-2 की तरफ से रोड का नाम भगीरथी देवी मार्ग है और एमजी रोड की तरफ से राजा महेंद्र रिपुदमन सिंह मार्ग है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह - फोटो : अमर उजाला
और भी उठ रही हैं मांगें
- आईएसबीटी का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाए। यह मांग पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह उठा रहे हैं।
- विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय कैंपस किए जाने की मांग है। इसे छात्र संगठन उठा रहे हैं।
- विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस का नाम स्वामी विवेकानंद कैंपस किए जाने की भी मांग है। इसे भी छात्र संगठन उठा रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें