हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। जगह-जगह इसके किनारों से मिट्टी धंस गई है। काफी मिट्टी पानी के बहाव के साथ बह भी गई है। इससे एक्सप्रेसवे कई जगह से चटक गया है।
विज्ञापन
मूसलाधार बारिश ने खोली आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की पोल, तस्वीरों में देखिए हाल
2 of 6
लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 21 नवंबर 2016 को 302 किमी लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया था। इसके निर्माण और जमीन अधिग्रहण में घोटाले के कई आरोप भी लग चुके हैं। इस बीच बारिश ने इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता जरूर उजागर कर दी है।
विज्ञापन
मूसलाधार बारिश ने खोली आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की पोल, तस्वीरों में देखिए हाल
3 of 6
लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
26 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश में अधिकांश जगहों पर मिट्टी पानी के साथ बह गई है। बड़े-बड़े पत्थर भी अपनी जगह छोड़ गए हैं। इसके चलते इसके एक्सप्रेसवे किनारों से चटक गया है। एक्सप्रेसवे के लिए 12 फुट तक मिट्टी का प्लेटफार्म तैयार किया गया है। मिट्टी की रोक के मानकों के अनुरूप इंतजाम न किए जाने के कारण यह ढह गई है।
मूसलाधार बारिश ने खोली आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की पोल, तस्वीरों में देखिए हाल
4 of 6
लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
इतना ही नहीं, बारिश के पानी को सहेजने के लिए करोड़ों की लागत से बनाया गया वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बर्बाद हो गया है। एक्सप्रेसवे में लगभग 15 किमी के क्षेत्र में कंकरीट की नाली क्षतिग्रस्त हो गई है। कई जगह तो यह ढह गई है। मानकों के अनुरूप निर्माण न होने के कारण वाटर टैंकों में भी पानी के जगह मिट्टी भरी हुई है। कई टैंकों के स्लैब ही टूट गए हैं।
विज्ञापन
मूसलाधार बारिश ने खोली आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की पोल, तस्वीरों में देखिए हाल
5 of 6
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली इनररिंग रोड का भी ऐसा ही कुछ हाल है। किनारे की मिट्टी धंसने के कारण इस रोड में काफी दूर तक दरार आ गई है। जबकि कुछ दिन पहले ही शासन स्तर से इसके निर्माण की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी इनररिंग रोड की स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ ही इनररिंग रोड पर अवैध कट फिर से खुल गए हैं। लोगों ने कई जगह से रेलिंग तोड़ दी है। इससे दोपहिया ही नहीं, चार पहिया वाहन भी धड़ल्ले से निकल रहे है। ऐसे में यहां कोई भी गंभीर हादसा हो सकता है। यह योजना भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक थी।