आगरा के नरीपुरा स्थित आर मधुराज हॉस्पिटल में बुधवार की सुबह जब आग लगी तो चीख-पुकार मच गई। अस्पताल संचालक का परिवार घर में फंसा हुआ था। जान बचाने की गुहार लगा रहे थे। अंधेरा और धुआं मुश्किल बना हुआ था। इसके बाबजूद मदद के लिए कई लोग दौड़ आए। एक-एक करके अंदर फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला। उम्मीद थी कि सभी सुरक्षित होंगे। मगर, जब उन्हें डॉक्टर ने अस्पताल संचालक राजन और उनकी बेटी सिमरन और बेटा ऋषि को मृत घोषित किया, तब मदद के लिए आने वाले भी गम में डूब गए। उन्हें इस बात का अफसोस था कि वे लोग उनकी जान नहीं बचा पाए।
नरीपुरा स्थित गार्डर वाली गली निवासी दीन मोहम्मद ने बताया कि मंगलवार को बीमार होने पर उनके पड़ोसी मोइनुद्दीन को आर मधुराज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज चल रहा था। तड़के आग लगने पर मोइनुद्दीन ने उन्हें फोन किया। घटना की जानकारी दी। इस पर बिना देर किए हुए दीन मोहम्मद भी पहुंच गए। पुलिस भी आ चुकी थी। पूरे हॉस्पिटल में अंधेरा था। चीख-पुकार मच रही थी।