आगरा के आर मधुराज अस्पताल में लगी आग में डायरेक्टर और उनके दो बच्चों की जान चली गई। 10 बेड का ये अस्पताल बेसमेंट में संचालित हो रहा था। इस हादसे के बाद अब कार्रवाई की बात हो रही है, लेकिन इससे पहले क्या स्वास्थ्य विभाग बेखबर था। शहर के गली मोहल्लों में अस्पताल और जूता कारखाने खुले हुए हैं। अस्पतालों में जहां आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। वहीं बेसमेंट में भी संचालित हो रहे हैं। आगरा विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। विभागीय अधिकारी नोटिस देकर खानापूर्ति कर रहे हैं।
अगस्त में अग्निशमन विभाग ने शहर के कई अस्पतालों का निरीक्षण किया था। 53 हॉस्पिटल मानक पूरे नहीं मिले थे। इस पर सभी को नोटिस जारी किया गया। उनसे कमियों को पूरा करने के बाद जानकारी देने के लिए कहा गया था। मगर, अब तक जवाब नहीं मिल सका है। यह अस्पताल अब भी संचालित हो रहे हैं।