आंखों में आंसू, लड़खड़ाती जुबान, दर्द ऐसा कि बयां करना मुश्किल। बेटे राजन, पौत्री सिमरन उर्फ शालू और पौत्र ऋषि की मौत से बुजुर्ग गोपीचंद का कलेजा ही फट गया। वह रो रहे थे। एक ही बात बोल रहे थे, मेरे परिवार को मार डाला। साजिश करके आग लगाई गई। बेटे से जलन में यह किया। उन्हें पुलिस ने समझाया। कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे। किसी ने आग लगाई होगी तो कार्रवाई होगी। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। इसकी रिपोर्ट अभी मिलना बाकी है। अग्निशमन विभाग प्रथम दृष्टया मामला शॉर्ट सर्किट से आग लगना मान रहा है, लेकिन जांच के बाद ही सही कारण बताने की बात कही है।
गोपीचंद ने बताया कि वह अपने कमरे में लवी के साथ सो रहे थे। दुकान का शटर खुलने की आवाज से आंख खुली, उन्हें लगा कि राजन टहलने के लिए गए होंगे। इस पर उठे नहीं। दोबारा शटर की आवाज आई। इस पर वो बाहर निकलकर आए। तब आग की लपटें उठ रही थीं। धुआं अंदर आने लगा था।