पहले 11 अप्रैल फिर दो मई और अब नौ मई को आने वाली तबाही लोगों की हंसती-खेलती दुनिया उजाड़ कर चली गई। अकेले आगरा में ही तूफान से अब तक 78 मारे जा चुके हैं।
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तूफान से तबाही
- फोटो : अमर उजाला
सुकून की जिंदगी बसर करने वाले लोग गमों के पहाड़ तले दब चुके हैं। आंसुओं का सैलाब उनकी आंखों से निकल रहा। वे पूछ रहे हैं, हे भगवान, ये तूफान और कितने जख्म देगा।
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तूफान से तबाही
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार आए तूफान में ब्रज में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। तूफान का असर आगरा और मथुरा में ज्यादा था। आगरा के नगला नथौली में मजदूर राम रतन (35) के कच्चे घर पर नीम का बड़ा पेड़ गिर गया और उनकी मौत हो गई।
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तूफान से तबाही
- फोटो : अमर उजाला
उनके पांच बच्चे हैं, दो बेटे और तीन बेटियां। इनमें विष्णु नौ साल का है। उससे छोटा विनेश, फिर शिवानी, भारती और रजनी। इनके सिर से पिता का साया उठ गया। राम रत की दिव्यांग पत्नी मीना दिव्यांग हैं।
एत्मादपुर के सुरहेरा गांव में छप्पर गिरने से 55 वर्षीय खिलौरी देवी की मौत हो गई। उनका शव छप्पर के नीचे दबा मिला। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।