आगरा में खंदौली के गांव नहर्रा में बुधवार को दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या के बाद आरोपी विश्वनाथ हाथरस के विधिपुर में अपनी ससुराल गया था। जब तक पुलिस वहां पहुंची वह फरार हो चुका था। पुलिस ने उसके 20 से ज्यादा करीबियों और रिश्तेदारों को उठाकर पूछताछ की है। खंदौली के गांव नहर्रा में दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या करके फरार 50 हजार का इनामी विश्वनाथ दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दस टीमें लगीं हैं। पांच जिलों में तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा सका है।
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बुलंदशहर में हुआ शहीद दरोगा प्रशांत कुमार यादव का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि खंदौली क्षेत्र के गांव नहर्रा में विजय सिंह पहलवान के बेटे शिवनाथ सिंह और विश्वनाथ के बीच बुधवार शाम को आलू के हिस्से को लेकर विवाद हुआ था। विश्वनाथ तमंचा लेकर शिवनाथ के मजदूरों को धमका रहा था। सूचना पर दरोगा प्रशांत कुमार यादव और सिपाही चंद्रसेन पहुंचे थे। पीछा करके पकड़ने की कोशिश में विश्वनाथ ने दरोगा पर गोली चलाई थी। उनकी गर्दन में गोली लगने से मौत हो गई थी।
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दरोगा हत्याकांड: हत्यारोपी विश्वनाथ (बायें), दरोगा प्रशांत कुमार यादव का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मामले में खंदौली थाने में सिपाही चंद्रसेन की तहरीर पर विश्वनाथ के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। एसएसपी बबलू कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें बनाईं थीं। आगरा के साथ ही फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़ और हाथरस में पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं। विश्वनाथ की ससुराल हाथरस के विधिपुर में है। घटना के बाद पुलिस सबसे पहले उसकी ससुराल गई थी। मगर, वहां पुलिस पहुंचने से पहले ही विश्वनाथ भाग चुका था। एक रिश्तेदार बरहन क्षेत्र में रहता है। इस पर टीम वहां गई, लेकिन वह नहीं मिला। वह रिश्तेदार के घर आया था, लेकिन पुलिस के आने से पहले चला गया। अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है। हालांकि विश्वनाथ का मोबाइल बंद है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। पुलिस ने उसके 20 से ज्यादा करीबियों और रिश्तेदारों को उठाकर पूछताछ की है।
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दरोगा प्रशांत का हत्यारोपी विश्वनाथ
- फोटो : अमर उजाला
भाई से झगड़े के बाद विश्वनाथ ने बुलाए थे बदमाश
आगरा पुलिस की छानबीन में पता चला है कि विश्वनाथ की हाथरस के विधिपुर में ससुराल है। विधिपुर के दो बदमाश हाल में ही जेल से छूटे हैं। विश्वनाथ की दोनों बदमाशों से पहचान है। बदमाश उसके घर भी आते थे। पुलिस को पता चला है कि यह बदमाश दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या वाले दिन भी गांव में आए थे। आशंका है कि उसने इन बदमाशों को भाई शिवनाथ पर हमले के लिए बुलाया होगा। मगर, उससे पहले ही दरोगा पहुंच गए। पुलिस अब विश्वनाथ के साथ ही दोनों बदमाशों की तलाश में लगी है।