माता पार्वती और आदि देव भगवान शिव शंकर के मिलन के दिन महाशिवरात्रि पर शहर शिवमय हो गया। शहर के चारों कोनों पर स्थापित प्राचीन शिवालयों में देर रात से ही विशेष पूजन का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। शहर के बीच बने श्री मन:कामेश्वर महादेव और रावली महादेव मंदिर में भी आस्था का सैलाब उमड़ता रहा।
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शिव बाराती
- फोटो : अमर उजाला
चारों ओर बम भोले और हर हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। सोमवार रात से भी भगवान आशुतोष के विशेष दिव्य अभिषेक प्रारंभ हो गए थे। मंगलवार को ब्रह्म मुहूर्त में शिवालयों के पट श्रद्धालुओं के खोले गए। आरती के बाद जयकारों के बीच दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक की प्रक्रिया शुरू हो गई।
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विहंगम दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
महर्षि परशुराम और उनके पिता ऋषि जमदाग्नि द्वारा स्थापित कैलाश मंदिर में सुबह से जलाभिषेक प्रारंभ हो गया। शिव और शक्ति के मिलन के महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में प्राचीन बल्केश्वर महादेव मंदिर से भगवान शिव की बारात निकाली गई। मंदिर के महंत सुनील कांत नागर और कपिल कांत नागर के नेतृत्व में कमला नगर के होटल पार्क लैंड से बारात का शुभारंभ मेयर नवीन जैन और भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने किया।
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सज-धज के निकले बाराती
- फोटो : अमर उजाला
बारात में सबसे पहले ऊंट, घोड़े और बैंड बाजे चल रहे थे। वीर हनुमान, गणेश, राधा- कृष्ण, ब्रह्मा, विष्णु और महेश की झांकियां थी। भूत, प्रेत, शुक्र, शनि, अघोरी बारात का आकर्षण रहे। कई स्थानों पर दूल्हा बने भगवान शिव की आरती और पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया गया। मंदिर पहुंचकर बारात का विश्राम हुआ। मंदिर को देशी- विदेशी फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था।
ताजनगरी फेस दो स्थित पार्श्वनाथ पंचवटी में महिला मंडल की ओर से शिव बारात का आयोजन किया गया। बैंड की मधुर धुन पर नाचते हुए लोग बारात में शामिल हुए। मंदिर पहुंचने पर धार्मिक रीति रिवाज के शिव की अगवानी की गई। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। इस पर मंदिर फूल बंगला सजाया गया। पंडित गिरीश उपाध्याय ने शिव लीला का वर्णन किया। शाहगंज स्थित सोमनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर्व पर रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया।