मन से किया प्रयास रंग जरूर लाता है
शिवानी पूर्व गणतंत्र दिवस शिविर के तीसरे चरण तक पहुंचने के बाद गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चयनित नहीं हो पाई है। राजपथ पर मार्च करने के सपने को सच करने के लिए और अधिक मेहनत की और सफलता अर्जित की। उनका कहना है कि प्रयास मन से किया जाए तो रंग जरूर लाता है।
राजपथ पर परेड करने के लिए उत्साहित
अंडर ऑफिसर ममता को पहले प्रयास में ही गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनने का मौका मिला है। उनका कहना है कि वह राजपथ पर परेड करने के लिए उत्साहित हैं। उनका सपना पूरा होने वाला है। इसके लिए उन्होंने भरपूर मेहनत की थी।
चयन की प्रक्रिया लंबी व कठिन है
आगरा कॉलेज के एनसीसी के कंपनी कमांडर लेफ्टिनेंट अमित अग्रवाल का कहना है कि गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने के लिए कैडेट को एक लंबी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। 100 से अधिक दिनों तक अपने घर से दूर रहना होता है। कैडेट को 10-10 दिन के लिए तीन प्री-इंटर ग्रुप कंपीटीशन (आईजीसी), एक आईजीसी और तीन प्री-आरडीसी शिविरों में विभिन्न स्तरों पर ड्रिल , कमांड, गार्ड, फ्लैग एरिया आदि प्रतियोगिताओं में खुद को साबित करना होता है। चयनित कैडेट एक जनवरी से 31 जनवरी तक गणतंत्र दिवस शिविर का हिस्सा बनते हैं।