फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Child Kidnapping: खिलखिलाया 'मयंक', परिवार में लौटीं खुशियां, भावुक कर देंगी ये तस्वीरें

Fri, 25 Nov 2022 11:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
मां के गले से लिपटा मयंक - फोटो : अमर उजाला
आगरा के परचून व्यापारी जयप्रकाश का बेटा मयंक घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वृंदावन का मौसिम उसे उठाकर ले गया। आरोपी ने उसे बेचने की तैयारी कर रखी थी। मगर, पुलिस की तत्परता और लोगों के प्रयास के कारण उसके मंसूबे सफल नहीं हो सके। 

आठ टीमों में 100 पुलिसकर्मी और मोहल्ले के 50 लोग मयंक की तलाश में लगे थे। हर कोई चाहता था कि बच्चा घर लौट आए। करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस को आरोपी के जाने का रूट मिल गया। पहचान होते ही उसे धर दबोच लिया। इसके बाद मासूम मयंक तक पुलिस पहुंच गई। सबसे पहले चाचा राहुल की गोद में आकर वो खिलखिलाया। परिवार में आया तो खुशियां भी लौट आईं। मां मिथलेश की गोद में खेलने लगा। मयंक की सकुशल बरामदगी पर पुलिस अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।

ये भी पढ़ें - Ayushi Murder Case: आयुषी के शव को देवरिया में फूंकने की थी योजना, इस वजह से एक्सप्रेस-वे पर फेंकी लाश
विज्ञापन

2 of 5
मां की गोद में मासूम मयंक - फोटो : अमर उजाला

फोटो और फुटेज से खोजा

सूचना के बाद से ही अंदाजा लगाया जा रहा था कि अपहरण करने वाले के तार दौरेठा और आजमपाड़ा से ही जुड़े हैं, क्योंकि मयंक पिता की ननिहाल आया था। ऐसे में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने अलग-अलग पुलिसकर्मियों को मोहल्ले में लगाया। पुलिसकर्मी बिना वर्दी के आरोपी की पहचान में लगे थे। फोटो और फुटेज लेकर लोगों से संपर्क कर रहे थे। सर्विलांस टीम, एसओजी और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग अलग से लगी थी। फुटेज को देखकर बस्ती के लोगों ने कुछ सुराग दिए। बच्चे के पिता को भी कुछ लोगों ने बताया कि मौसिम संदिग्ध है, उससे चेहरा मिल रहा है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
मां की गोद में खेलता मयंक - फोटो : अमर उजाला

मां ने चूमा और गले लगा लिया

बेटा चला गया तो मां मिथलेश का चैन चला गया था। वह बेटे की सकुशल वापसी के लिए घर के मंदिर के सामने बैठ गईं। प्रार्थना करने लगीं कि कैसे भी करके बेटा मिल जाए। बृहस्पतिवार सुबह जब मयंक को लेकर पुलिस घर पहुंची तो मिथिलेश ने उसे गोद में उठा लिया। उसके माथे व हाथ को चूमा और उसे गले से लगा लिया। मिथलेश ने बताया कि मयंक काफी चंचल है। छोटा होने की वजह से दुलारा है। मंगलवार शाम को 5.30 बजे उसका अपहरण हो गया तो वो परेशान हो गईं। वह रोए जा रहीं थीं।

4 of 5
मयंक को देख छाई खुशी - फोटो : अमर उजाला
उनके साथ दादी कांता देवी ने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। बुधवार आधी रात को जब बेटे के मिलने के बारे में पता चला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। देवर राहुल ने उन्हें वीडियो कॉल करके मयंक को दिखाया। बृहस्पतिवार सुबह 7 बजे वह उसे लेकर आए। मयंक के पिता जयप्रकाश, दादा विशंभर सिंह, चाचा राहुल ने पुलिस को धन्यवाद दिया। कहा कि पुलिस तत्परता नहीं दिखाती तो बेटे का बरामद होना आसान नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मयंक - फोटो : अमर उजाला

पहले भी हो चुकी हैं वारदात

- मार्च 2016 में मदिया कटरा के रहने वाले कागज कारोबारी के छह साल के बेटे का अपहरण किया गया था। पुलिस टीम ने तत्परता से बालक को बरामद किया था।
- शास्त्रीपुरम में छह महीने पहले मजदूर के बेटे को महिला और युवक उठाकर ले गए थे। पुलिस की टीम कई दिन तक लगी रही थी। इसके बाद महिला और उसके साथी को पकड़ लिया गया था। वह निसंतान दंपती को बच्चा बेचना चाहते थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें