ढाई साल का मयंक घर के बाहर खेल रहा था, तभी वृंदावन का मौसिम आया और उसे उठाकर ले गया। पुलिस की मानें तो आरोपी काफी शातिर है। वो मयंक को बेचने की तैयारी कर चुका था। इसमें उसने अपने मित्र को भी मिला लिया था। वृंदावन में उसके घर पर ही बच्चे को दे आया था। मगर, परिवार के साथ 50 से अधिक लोग तलाश में लगे। पुलिस की 10 टीमें बनाई गईं।
सीसीटीवी से मिला सुराग
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से सुराग मिला और पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चा बरामद हुआ तो सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई। आईजी नचिकेता झा ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया। परिवार वाले भी पुलिस को धन्यवाद देते हुए नहीं थक रहे।
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