आगरा के सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया में नाले में कार गिर जाने से दो युवक और दो युवतियों की मौत हो जाने के मामले में गुरुवार को चश्मदीद हरदम सिंह सामने आया। उसका कहना है कि नाले के ठीक सामने सांड़ खड़ा था। कार चला रहे युवक की अचानक उस पर नजर पड़ी होगी। उसने उससे बचने के लिए कार को तेजी से मोड़ा। उस जगह नाले पर रेलिंग नहीं थी। कार सीधे नाले में गिर गई।
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नाला
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री संख्या डी-29 के सामने बुधवार शाम यह हादसा हुआ था। आई-20 कार असंतुलित होकर नाले में पलट गई थी। नाले के ठीक सामने शराब का ठेका है। सड़क काफी चौड़ी है। नाले के सामने की तरफ काफी चौड़ा डिवाइडर है। इसका अर्थ यह है कि जब कार वहां पहुंची तो सांड़ से बचने के लिए एक ही रास्ता था।
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
यह नाले की ओर था। हरदम सिंह ठेके के बराबर में कैंटीन चलाता है। उसका कहना है कि उसने नाले के सामने सांड़ को देखा था। कार को आते हुए देखा था। इसके बाद देखा कि कार नाले में गिर गई है। इन हालात में यही लग रहा है कि कार चला रहे युवक का ध्यान सामने की ओर नहीं रहा होगा। हालांकि इसका सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है। यह भी इसलिए क्योंकि अगर उसका ध्यान होता तो वह सांड़ को दूर से ही देख लेता।
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कार
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद ब्रेक लगाता या हॉर्न बजाता लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं था। शराब के ठेके पर काम करने वाले ब्रज मोहन का कहना है कि यहां दो सांड़ कूड़े के ढेर के पास बैठे रहते हैं। इनमें से ही एक नाले के सामने खड़ा था। अगर नाले पर रेलिंग होती तो कार उसमें नहीं पलटती। इस जगह से थोड़ा आगे नाले पर दीवार जैसी रेलिंग है। अगर सांड़ थोड़ा आगे होता, तो भी कार नाले में नहीं गिरती।
हादसे में मारे गए युवकों के दोस्तों का कहना है कि वे लोग फतेहपुर सीकरी गए थे। वहां से लौट रहे थे। उन्होंने थोड़ी देर पहले ही फोन पर बता था कि वे सीकरी से आ रहे हैं। उधर, मौके से पता चलता है कि हादसे के वक्त वे फैक्ट्री एरिया के मोड़ तक पहुंच चुके थे। अगर दस मीटर और आगे कार पहुंच गई होती तो पूरा नाला ही पार हो चुका होता।