महताब बाग से ताजमहल को पूर्णिमा पर चांदनी रात में देखने के लिए 30 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन एक बार भी महताब बाग से चांदनी में ताज का दीदार नहीं हो सका। एएसआई और एडीए ने दो बार प्लेटफार्म बनाकर 30 लाख रुपये के काम कराए, लेकिन वो किसी काम के नहीं। बारिश में यह प्लेटफार्म भी धंस गया है और लाल पत्थर की बनाई बेंच भी धंस रही हैं। नाइटव्यू शुरू होने से पहले ही यह पूरा काम फिर बर्बाद होने के कगार पर है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
2015 में महताब बाग से ताज महल के नाइटव्यू का मुद्दा उठा तो केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्रीपाद नाइक और उनके बाद डा. महेश शर्मा ने खुद निरीक्षण कर नाइट व्यू के लिए व्यवस्थाएं करने को कहा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई ने यमुना किनारा महताब बाग से सटी जगह पर लकड़ी के प्लेटफार्म और बेंच बना दी, पर यह दो साल में खराब हो गईं। इसके बाद एडीए ने पथकर निधि से यहां पत्थर की बेंच और इंटरलाकिंग टाइल्स बिछाए, पर नाइटव्यू शुरू नहीं हो सका।
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ताजमहल
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन के केसी जैन ने कहा कि अजब हाल है। चार साल से केंद्रीय मंत्री नाइटव्यू को लेकर विभागों से बैठकें कर चुके हैं, पर स्थानीय स्तर पर कोई फैसला नहीं हो पाया। नाइटव्यू से पर्यटन और स्थानीय लोगों को रोजगार में बढ़ोतरी होगी।
आगरा विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता अजय सिंह ने कहा कि नाइटव्यू के लिए प्लेटफार्म और लाल पत्थरों की बेंच बना दी गई हैं। कुछ तकनीकी चीजें हैं, जिन पर बात हो रही है। उम्मीद है नाइटव्यू सीजन में शुरू कर पाएंगे।