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आगरा मेट्रो निर्माण के दौरान हादसा: मकान पर गिरी 90 टन की मशीन, कमरा ध्वस्त; चटक गईं दीवारें

Sun, 15 Feb 2026 11:32 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

यूपी के आगरा जिले में मेट्रो निर्माण के दाैरान बड़ा हादसा हुआ। निर्माण कार्य में लगी पाइलिंग रिंग मशीन एक मकान पर जा गिरी। कमरा ध्वस्त हो गया, दीवारें चटक गईं। धमाके की आवाज से लोग दहशत में आ गए।
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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के प्रतापपुरा चौराहे पर मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के दौरान पाइलिंग रिंग मशीन सड़क धंसने के कारण 25 फीट की ऊंचाई से एक घर पर जाकर गिरी। हादसे में ऊपरी तल पर बना एक कमरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और एक कमरा व बाथरूम की दीवारें दरक गई हैं। हादसे से 10 मिनट पहले ही कमरे में सो रहे गृहस्वामी का पुत्र निजी काम से बाहर निकल गया था। पीड़ित पक्ष ने लापरवाही का आरोप लगाया है।

प्रतापपुरा पर प्रभुकांत नागर का मकान है। बाहर के हिस्से में मॉडल शॉप संचालित है। पीछे की तरफ वह और पत्नी तरुणा रहते हैं। पहली मंजिल पर दो वर्ष पहले बेटे संकल्प नागर के लिए दो कमरे और बाथरूम बनवाया था। प्रभुकांत ने बताया कि शनिवार सुबह 4:20 बजे अचानक तेज धमाका सुना। ऐसा लगा मानो भूकंप आया है। वह बाहर आए तो देखा कि मेट्रो की पाइलिंग रिंग मशीन उनके घर पर गिरी हुई थी। ऊपर बना एक कमरा पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जबकि एक कमरे और बाथरूम की दीवारें चटक गई हैं। 
 
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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाहर के हिस्से में मॉडल शॉप के अंदर का प्लास्टर टूट कर गिर गया है। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई। एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि सूचना पर पुलिस ने यातायात रुकवाया और मेट्रो प्रशासन के साथ राहत कार्य शुरू कराया। दो क्रेन की मदद से 90 टन की रिंग मशीन को हटवाया गया है। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।

 
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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपीएमआरसी ने दिया क्षतिपूर्ति का आश्वासन
यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के संयुक्त उपमहाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया है कि हादसे की टीम ने जांच की है। पाइलिंग रिंग मशीन पीछे करने पर सड़क के नीचे एक कुएं जैसा बड़े गड्ढे में आकर एक ओर झुकने लगी। क्रेन चालक ने सावधानी से घरों और दुकानों से दूर मशीन टिकाने का प्रयास किया। इस जगह पहले भी सड़क धंस चुकी थी। जो क्षति हुई है, उसकी पूर्ति यूपीएमआरसी करेगा।

 

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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोका ट्रैफिक, घूमकर निकले लोग
हादसे के बाद प्रतापपुरा मार्ग पर यातायात रोक दिया गया। इससे दो पहिया वाहन चालकों को आने-जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ा। यहां पूरे दिन जाम जैसे हालात बने रहे। हादसे की सुनकर लोग भी वहां पहुंचने लगे और क्रेन के गिरने तथा नुकसान के वीडियो बनाने लगे। स्थानीय निवासी राम मोहन ने बताया कि हादसे के बाद अब लोगों को घरों में रहने पर डर लग रहा है। मेट्रो कार्य के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। सत्येंद्र गहलोत ने बताया कि धमाके से सभी लोग जाग गए थे। हादसा देखकर सभी सहम गए थे। गनीमत रही कि काेई जनहानि नहीं हुई। मेट्राे का काम जल्दी पूरा हो तो राहत मिले।

 
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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेट्रो को पहले ही दी थी चेतावनी, सुनी नहीं
प्रतापपुरा में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान मकान मालिक के बेटे संकल्प ने मेट्रो कर्मियों को चेताया था कि सड़क पर गड्ढा है, लेकिन उन्होंने सावधानी नहीं बरती। संकल्प ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्हें सड़क पर गड्ढा दिखा तो कर्मचारियों को चेतावनी दी। इस पर उन्हें कहा गया कि 35 फीट गहराई तक खोदते हैं। इस जगह पर ज्यादा खुदाई करनी होगी। इसके बाद शनिवार को 25 फीट खोदकर रोक दिया। गड्ढे के कारण सड़क धंस गई और हादसा हो गया। बस, बाल-बाल ही बचे हैं। हादसे के बाद मेट्रो का कोई अधिकारी हालचाल जानने नहीं आया, मुआवजा तो दूर की बात है।

 
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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुकान बंद थी, वरना बड़ा हादसा होता
प्रभुकांत के बेटे संकल्प नागर ने बताया कि वह गाइड हैं। हादसे से 10 मिनट पहले वह निजी काम से घर से गए थे वरना हादसे का शिकार हो जाते। पिता रोजाना सुबह जल्दी उठकर गेट पर पानी डालने और साफ-सफाई के लिए बाहर आ जाते हैं। गनीमत रही कि वह उस समय पीछे के कमरे में ही थे। मॉडल शॉप बंद थी वरना वहां भी लोगों की भीड़ रहती है।

 
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आगरा मेट्रो निर्माण में हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिन भर बाजार रहा बंद
अवंतीबाई चौराहे से प्रतापपुरा तक चार पहिया और भारी वाहनों का संचालन पहले ही बंद हैं। हादसे के बाद पुलिस ने यातायात बिल्कुल प्रतिबंधित कर दिया और सुरक्षा की दृष्टि से बाजार नहीं खुलने दिया। मशीन हटने के बाद ही दुकानें खुल पाईं। शनिवार तड़के हुए हादसे के बाद से आसपास के लोग दहशत में हैं। उनका कहना है कि पूरी-पूरी रात मशीनों की वजह से कंपन और जोर-जोर से आवाजें आती रहती हैं। प्रतापपुरा निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि कई बार ऐसा लगता था कि मशीन न गिर जाए। जब से मशीन के मकान पर गिरने का मंजर देखा है, तब से ऊंची मशीनों को देखकर दहशत में हैं कहीं फिर से न गिर जाए।

पूर्व में ये हुए हादसे
- 31 अक्तूबर 2022 को मुगल पुलिया के पास मेट्रो साइट पर लोहे का सामान नीचे गिरने से युवक घायल हुआ
- 27 दिसंबर 2025 को रामबाग पर पाइलिंग के लिए खोदे गड्ढे में गिरकर मजदूर फिरोज की मृत्यु हो गई।
- वर्ष 2025 में मेट्रो की भूमिगत खुदाई से घरों में मोती कटरा के घरों में दरार पड़ गई, घर खाली करने पड़े।
-19 जनवरी को आईएसबीटी के पास मेट्रो पिलर से लकड़ी का टुकड़ा कार का शीशा तोड़ते हुए चालक पर गिरा।


 
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