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आगरा का 'एम्स': एसएन मेडिकल कॉलेज की बदलेगी सूरत, 45 एकड़ में बनेगा इंटीग्रेटेड कैंपस

Wed, 21 Jul 2021 12:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा - फोटो : अमर उजाला
देश के पुराने मेडिकल कॉलेजों में शुमार आगरा का सरोजनी नायडू (एसएन) मेडिकल कॉलेज जल्द नए स्वरूप में नजर आएगा। एसएन मेडिकल कॉलेज की 25 एकड़ और लेडी लॉयल की 20 एकड़ जमीन को मिलाकर 45 एकड़ का इंटीग्रेटेड कैंपस बनेगा जहां ताजनगरी का 'एम्स' आकार लेगा। प्रमुख सचिव चिकित्सा आलोक कुमार ने इंटीग्रेटेड कैंपस का नया सर्वे प्लान और नक्शा मांगा हैं। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से जल्द ही मंजूरी मिल सकती है।

रविवार को प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने एसएन में निरीक्षण किया था जिसमें यह मुद्दा उठा था। एसएन मेडिकल कॉलेज का पुराना वैभव लौटाने के लिए शासन स्तर पर अब कवायद शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने मार्च 2020 में एसएन के संयुक्त परिसर (इंटीग्रेटेड कैंपस) का प्रस्ताव भेजा था। इसे बनाने में 160 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 

संयुक्त परिसर बनने से एक तरफ मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी, दूसरी तरफ चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और यह मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के नए मानकों को भी पूरा कर सकेगा। एसएन ओपीडी में हर साल करीब पांच लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं। आगरा की सीमा से जुड़े राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के मरीजों के लिए एसएन सबसे बड़ा सेंटर है। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा - फोटो : अमर उजाला
मरीजों को नहीं करनी पड़ेगी भागदौड़
अलग-अलग हिस्सों में फैले एसएन मेडिकल कॉलेज कैंपस में परामर्श, दवा, जांच व भर्ती होने के लिए मरीजों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। एक ही छत के नीचे उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी। परिसर में एक बार प्रवेश के बाद मरीज और तीमारदारों को किसी चीज के लिए पूछना नहीं पड़ेगा। हर ब्लॉक के लिए साइनेज बोर्ड लगा होगा। 
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एसएन और लेडी लॉयल का परिसर - फोटो : अमर उजाला
एसएन में मिल जाएगा लेडी लॉयल 
वर्तमान में एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर अलग-अलग हिस्सों में फैला है। एमजी रोड पर इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर है। जिसके पीछे लेडी लॉयल कैंपस है। फिर एसएन परिसर शुरू होता है जहां मेटरनिटी विंग, टीबी चेस्ट डिपार्टमेंट व गर्ल्स हॉस्टल है। बीच में स्थित लेडी लॉयल को एसएन परिसर में मिलाया जाएगा। लेडी लॉयल में मेटरनिटी विंग को शिफ्ट किया जाएगा। जबकि लेडी लॉयल के लिए एसएन कॉलेज हलवाई की बगीची में मानसिक संस्थान के पास अपनी 15 एकड़ जमीन में से पांच एकड़ जमीन देगा। 

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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
एमडी, एमएस की 108, स्नातक में 128 सीटें
एसएन मेडिकल कॉलेज में स्नातक कोर्स एमबीबीएस और अन्य स्नातक कोर्स में 128 सीटें हैं। एमडी व एमएस परास्नातक कोर्स में 108 सीटें हैं। 500 से अधिक छात्र चिकित्सा शिक्षा ले रहे हैं। इंटीग्रेटेड कैंपस से चिकित्सा शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी - फोटो : अमर उजाला
एसएन में होगा ये बदलाव
- एमजी रोड पर इमरजेंसी और लेडी लॉयल की खाली जगह के बीच में नया विशाल प्रवेश द्वार बनेगा।
- पहले चरण में लेडी लॉयल का एसएन में विलय होगा, बीच में पड़ने वाली पुरानी इमारतें ध्वस्त होंगी।
- दूसरे चरण में प्रमुख अधीक्षक कार्यालय का जीर्णोद्धार व पुरानी इमरजेंसी इमारत का ध्वस्तीकरण होगा।
- दोनों चरणों में करीब 18 छोटी-बड़ी पुरानी इमारतें तोड़ी जाएंगी, 15 पुरानी इमारतों का जीर्णोद्धार होगा।
- एसएन अस्पताल की मुख्य बहुमंजिला इमारतों को हवाई गलियारा (एयर कॉरिडोर) से जोड़ा जाएगा।  
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी, लेडी लॉयल और एसएन चारों ने मिलकर सर्वे प्लान बनाया है। प्रमुख सचिव ने सभी नक्शे मांगे हैं। कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव गया है। जैसे ही शासन से निर्देश मिलेंगे काम शुरू हो जाएगा। मरीजों को इलाज के लिए परिसर में भटकना नहीं पड़ेगा। 

एमसीआई की गाइडलाइन
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि एमसीआई की गाइडलाइन के पालन के लिए एसएन का पूरा कैंपस इंटीग्रेटेड होगा। मार्च 2020 में प्रस्ताव भेजा था। प्रमुख सचिव के साथ इस मामले में चर्चा हुई है। कोविड के कारण बीच में काम रुक गया था, जिसे फिर शुरू कराया जाएगा। 
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