आगरा के श्मशान घाटों पर शवों के पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज नई सुबह के साथ ही जलती लाशों का मंजर देखकर लोगों की रूह कांप जाती है। श्मशान में हर तरफ मातम, रुदन, सिसकियां और बस सिसकियां सुनाई देती हैं। गुरुवार को रात 12 बजे तक ताजगंज श्मशान घाट पर चिताएं जलती रहीं।