What Is Digipin: पिन कोड में 6 अंकों की संख्या होती है। यह कोड आप किस जगह पर रहते हैं इसे बताने के लिए उपयोग किया जाता है। इससे आपकी लोकेशन के बारे में पता चलता है। इसी वजह से पिन कोड की मदद से डाक या पार्सल को सही जगह पर पहुंचाने में आसानी होती है। हालांकि, अब पिन कोड की व्यवस्था बदलने वाली है। भारत में अब एक खास तरह की नई एड्रेसिंग प्रणाली Digipin लॉन्च हो रही है।
डिजिपिन बदलते समय की मांग है। इसकी मदद से किसी भी लोकेशन तक पार्सल को सटीकता से पहुंचाया जा सकता है। हाल ही में डाक विभाग के उप महानिदेशक ने नई एड्रेसिंग प्रणाली-डिजिपिन को पेश करते हुए इस बारे में बताया कि साल 1972 में पार्सल की छंटाई और वितरण के लिए पुरानी पिन कोड प्रणाली को शुरू किया गया था। वहीं अब इसमें और सटीकता की जरूरत है। इस कारण हमें एक मानकीकृत एड्रेसिंग प्रणाली की जरूरत है।
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