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RBI: अब मोबाइल नंबर की तरह करा सकेंगे बैंक अकाउंट को पोर्ट, जानिए क्या है RBI की प्लानिंग

Tue, 31 Mar 2026 05:14 PM IST
Sankalp Prakash Singh यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बैंक बदलना अब झंझट का काम नहीं होगा क्योंकि जल्द ही अकाउंट नंबर पोर्ट करने की सुविधा मिल सकती है। RBI की इस नई योजना से ग्राहकों को पहले से कहीं ज्यादा आसान और स्मार्ट बैंकिंग अनुभव मिलने की उम्मीद है।
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RBI New Bank Account Portability Plan - फोटो : AI
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई देश के बैंकिंग सिस्टम को और ज्यादा सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। इस योजना के प्रस्तावित Payments Vision 2028 के अंतर्गत ग्राहकों को जल्द ही मोबाइल नंबर की तरह अपना बैंक अकाउंट पोर्ट करने की सुविधा मिल सकती है। इसका उद्देश्य ग्राहकों के बैंकिंग अनुभव को सहज बनाना और उनको ज्यादा विकल्प देना है। अगर यह योजना लागू होती है, तो आप बिना अकाउंट नंबर बदले आसानी से बैंक बदल सकेंगे। इससे डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा।
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बैंक - फोटो : Adobe Stock
अभी के समय में बैंक बदलना कई लोगों के लिए काफी परेशानी भरा काम होता है। नया अकाउंट खोलने के बाद सैलरी, निवेश, बीमा, सब्सक्रिप्शन और सरकारी योजनाओं में अकाउंट डिटेल्स अपडेट करनी पड़ती हैं। इसी वजह से ग्राहक खराब सेवा या ज्यादा चार्ज होने के बावजूद बैंक बदलने से कतराते हैं। 
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बैंक - फोटो : Adobe Stock
RBI का जो नया प्रस्ताव आया है वह इसी जटिलता को खत्म करने का काम करेगा। इसके लागू होने के बाद ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार बैंक चुन सकेंगे। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत बैंक अकाउंट नंबर को एक यूनिवर्सल फाइनेंशियल पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मतलब होगा कि आपका अकाउंट नंबर किसी एक बैंक तक सीमित नहीं रहेगा। जब भी आप बैंक बदलेंगे, तो नया बैंक उसी नंबर को अपने सिस्टम में सक्रिय कर देगा। 

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बैंक - फोटो : Adobe Stock
यह प्रक्रिया मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह आसान और तेज होने की उम्मीद है। बैंक बदलने के दौरान सबसे बड़ी चिंता EMI, SIP और अन्य ऑटो-डेबिट पेमेंट्स को लेकर होती है। RBI के प्लान में इस समस्या का समाधान भी शामिल है। एक केंद्रीकृत सिस्टम के जरिए आपके सभी ऑटो-डेबिट मैंडेट अपने-आप नए बैंक में ट्रांसफर हो जाएंगे। इसके लिए आपको अलग से कुछ करना नहीं होगा। 
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बैंक लोन - फोटो : Freepik
विशेषज्ञों की मानें तो तो इस पहल के आने के बाद बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, जिससे बैंक ग्राहकों को बेहतर सुविधा देंगे। हालांकि, इस सिस्टम को लागू करने के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी ढांचे और डाटा सुरक्षा उपायों की जरूरत होगी। RBI चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू कर सकता है। 
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