देश में असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों की संख्या काफी अधिक है। कमाई का कोई संगठित स्रोत न होने की वजह से इन लोगों को जीवन में गुजर-बसर करने में कई तरह की आर्थिक दिक्कतें परेशान करती हैं। कई बार लंबे समय तक जब रोजगार नहीं मिलता है, तो श्रमिकों के परिवार के ऊपर आफतों का पहाड़ टूट पड़ता है।
जीवन के शुरुआती दौर में ये लोग मेहनत-मजदूरी करके अपनी आजीविका चला लेते हैं। वहीं, उम्र के एक पड़ाव पर आने के बाद उनके पास कमाई का कोई भी जरिया नहीं बचता। ऐसे में जीवन जीने के लिए उनके समक्ष कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं।