Plants And Mental Health: मनुष्य सभ्यता के इतिहास में जगदीश चंद्र बसु ने जब पौधों में जीवन होने की बात कही थी, तब यह पूरी दुनिया के लिए एक आश्चर्य से भरे सिद्धांत के रूप में सामने आया था। हालांकि, जगदीश चंद्र बसु ने इसे साबित किया और बताया कि हमारे आस-पास केवल जीवन घूमते हुए मनुष्य नहीं बल्कि पेड़-पौधों की दुनिया में भी प्राण संचरित हो रहा है। क्या कभी आपने आश्चर्य किया है कि अपने ऑफिस की टेबल पर छोटे-छोटे पौधों से अपनी डेस्क को सजाने वाली लड़कियां भले इसको फैशन या सुंदर बनाने के लिए सजाती हों, लेकिन भारतीय संस्कृति में हर घर और आंगन में तुलसी के चौबारे से लेकर वृक्षों, पेड़-पौधों, क्यारियों को रखने का अपना एक महत्व था। आज विज्ञान कहता है कि यदि आप अपने आस-पास पेड़-पौधों को रखते हैं, तो ये न केवल खुशहाल बनाते हैं बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी समृद्ध करते हैं।