फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Petrol Pump Fraud: पेट्रोल पंप पर इस तरह किया जाता है फर्जीवाड़ा, आप भी जान लीजिए क्या हैं तरीके

Thu, 07 Dec 2023 05:51 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
Petrol Pump Fraud - फोटो : iStock
Petrol Pump Fraud: वर्तमान में ज्यादातर लोग कार और बाइक इस्तेमाल करते हैं। वाहन में ईंधन भरवाने के लिए लोग पेट्रोल पंप पर आते जाते रहते हैं। हालांकि, आप गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाते समय सावधानी नहीं बरतते हैं, तो आपकी आंखों के सामने ही ठगी की जा सकती है। सिर्फ नजरों का खेल है, जिससे ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। जंप ट्रिक से लेकर डेंसिटी मीटर में छेड़छाड़ पेट्रोल पंप पर ठगी जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर यह कैसे किया जाता है? 

मीटर पर रखें ध्यान

जब ग्राहक पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरवाने के लिए जाते हैं, तो कर्मचारी लोगों को मीटर में जीरो देखने को कहता है। जीरों को देखकर ग्राहक संतुष्ट हो जाते हैं कि गाड़ी में पेट्रोल-डीजल ठीक भर गया है, लेकिन इस मीटर में ठगी का खेल भी किया जाता है। इस मीटर में खास डिस्पले होती है, जहां ग्राहकों के लिए नजर रखना बेहद जरूरी होता है। 

 
विज्ञापन

2 of 6
Petrol Pump Fraud - फोटो : iStock
डेंसिटी मीटर पर जरूर रखें नजर

ग्राहकों के साथ पेट्रोल-डीजल में शुद्धता को लेकर ठगी का खेल जुड़ा है। इसमें हेर-फेर कर ग्राहकों को चुनाया लगाया जाता है। पेट्रोल पंप में लगी मशीनों में अलग-अलग  सेक्शंस होते हैं, जिसमें आपको  कितने रुपये का पेट्रोल और कितनी मात्रा में भरा गया है यह सभी डाटा नजर आता है। इसी मशीन की स्क्रीन पर आपको डेंसिटी दिखती है, जो सीधे तौर पर ईंधन की क्वालिटी यानी शुद्धता को दर्शाती है। इस पर नजर रखकर आप ठगी से बच सकते हैं।
 
विज्ञापन

3 of 6
Petrol Pump Fraud - फोटो : iStock
पेट्रोल पंप पर डेंसिटी के लिए तय किए मानकों से छेड़छाड़ करके फ्रॉड किया जाता है। डेंसिटी का मतलब होता है, यह आपको घनत्व को दिखाता है। किसी पदार्थ के गाढ़ेपन को उसकी डेंसिटी कहा जा सकता है। जब निश्चित मात्रा में तत्वों को मिलाकर किसी प्रोडक्ट को तैयार किया है, तो उसके आधार पर उस वस्तु की क्वालिटी को सेट किया जाता है। अगर इसमें थोड़ा ऊपर-नीचे होता है, तो समझ सकते हैं कि इसमें मिलावट की गई है। 
 

4 of 6
Petrol Pump Fraud - फोटो : iStock
पेट्रोल की डेंसिटी 730 से 800 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तय है, जबकि डीजल की डेंसिटी 830 से 900 किलोग्राम प्रति क्लूबिक मीटर निर्धारित है। आपको इससे कम या अधिक होने नजर रखें। 

Bank Holidays: अब बैकों में पांच दिन होगा काम, शनिवार और रविवार को रहेंगे बंद? जानिए क्या है आगे का प्लान
विज्ञापन

5 of 6
Petrol Pump Fraud - फोटो : iStock
ऐसे भी होता है खेल

पेट्रोल पंप पर कम तेल से संबंधित शिकायतें अक्सर सुनने को मिलती हैं। यहां पर होने वाली इस धोखाधड़ी पर किसी की नजर नहीं जाती है, जिससे सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब काटी जाती है। ग्राहक जंप ट्रिक का शिकार भी हो सकता है। इसमें भी ग्राहकों को मीटर दिखाकर लूटा जाता है। जब आप मीटर देखते हैं, तो देखा होगा 0 से स्टार्ट मीटर तुरंत 5-6 रुपये पर पहुंच जाता है और बीच का 2-3-4 दिखाई नहीं देता है। यहीं पर ग्राहकों के साथ खेल होता है, क्योंकि मीटर जीरो से स्टार्ट होने के बाद चरणबद्ध तरीके से 1-2-3 रुपये के मुताबिक बढ़ना चाहिए।

New Year 2023: नए साल पर आईआरसीटीसी करा रहा खूबसूरत असम और मेघालय की सैर, जानिए कितना आएगा खर्च
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Petrol Pump Fraud - फोटो : iStock
यहां पर भी दें ध्यान

वाहन में पेट्रोल या डीजल डालने वाले नोजल से भी धोखाधड़ी की जा सकती है। पेट्रोल पंप पर नोजल ऑटो कट होने की वजह मैनुअल होने पर कर्मचारी इसे बीच में रोक सकता है और प्रेशर को कम कर सकता है, जिससे पेट्रोल या डीजल की मात्रा पर असर पड़ता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके बाद जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर पंप का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें