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जरूर जानें: लोन की किस्त नहीं चुका पाने पर रिकवरी एजेंट घर आकर कर रहा है परेशान, तो जान लें अपने अधिकार

Thu, 17 Apr 2025 05:59 PM IST
शिखर बरनवाल यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज के समय में लोन लेना इतना आसान हो गया है कि आप घर बैठे मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से लोन ले सकते हैं। मगर कई बार लोन न चुका पाने की स्थिती में रिकवरी एजेंट कर्जधारक को परेशान करते हैं। ऐसे आइए जानते हैं कि कर्जधारक के क्या अधिकार हैं?
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बैंक लोन - फोटो : Freepik
Loan Recovery Agent: आज के समय में लोन लेना पहले की तुलना में काफी सुविधाजनक हो चुका है। जब भी किसी इंसान को आर्थिक स्तर पर तुरंत रुपयों की जरूरत होती है तो वो बैंक में जरूरी दस्तावेजों को दिखाकर आसानी से लोन ले सकता है। इतना ही नहीं अब तो बहुत से एप शुरू हो गए हैं जिनकी मदद से घर बैठे ही लोन लिया जा सकता है। मगर कई बार ऐसा होता है कि आर्थिक तंगी की वजह से लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोन रिकवरी एजेंट्स कर्जधारक को घर जाकर परेशान करने लगते हैं और किस्त जमा करने के लिए दबाव बनाने लगते हैं।  

रिकवरी एजेंट्स कभी-कभी अनुचित तरीकों, जैसे धमकी देना, बार-बार फोन करना, या घर पर दबाव बनाना, का सहारा लेते हैं। बता दें कि ये सभी तरीके गैर-कानूनी हैं। अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले तो आपको धैर्य रखने और मानसिक रूप से शांत रहने की जरूरत है। आप कुछ कानूनी कदम उठाकर इस परेशानी से आसानी से निपट सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि अगर लोन रिकवरी एजेंट आपको परेशान कर रहा है तो आपके पास क्या-क्या अधिकार हैं?
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बैंक लोन - फोटो : Freepik
क्यों परेशान करते हैं रिकवरी एजेंट्स?
जब कोई व्यक्ति लोन की किस्तें समय पर नहीं चुका पाता है, तो बैंक या वित्तीय संस्थान रिकवरी एजेंट्स को नियुक्त करते हैं। इनका काम बकाया राशि की वसूली करना होता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रिकवरी एजेंट्स के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं, लेकिन कई बार ये एजेंट्स नियमों का उल्लंघन करते हैं और लोन लेने वाले व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान करते हैं।
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बैंक लोन - फोटो : Freepik
आरबीआई के नियमों के अनुसार, रिकवरी एजेंट्स सुबह 8 बजे से पहले और रात 7 बजे के बाद संपर्क नहीं कर सकते। साथ ही, वे धमकी या हिंसा का सहारा नहीं ले सकते। अगर एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसकी शिकायत बैंक और आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल से करें।  

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बैंक लोन - फोटो : Freepik
अगर रिकवरी एजेंट आपको धमकी दे रहा है, अपमानजनक भाषा का उपयोग कर रहा है, या अनुचित समय (जैसे रात में) पर संपर्क कर रहा है, तो तुरंत बैंक के ग्राहक सेवा विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करें। शिकायत में एजेंट का नाम, तारीख, और घटना का विवरण शामिल करें।

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बैंक लोन - फोटो : Freepik
इतना ही नहीं, अगर रिकवरी एजेंट आपको शारीरिक रूप से धमकी देता है या आपके घर पर अनुचित दबाव बनाता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह एक कानूनी अपराध है, और पुलिस कार्रवाई कर सकती है। संभव हो तो रिकवरी एजेंट के कॉल, मैसेज, या किसी भी धमकी को साक्ष्य के लिए रिकॉर्ड करें।

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बैंक लोन - फोटो : Freepik
इसके अलावा, अगर आप लोन चुकाने में असमर्थ हैं, तो बैंक से संपर्क करें और अपनी स्थिति स्पष्ट करें। कई बैंक लोन रिस्ट्रक्चरिंग, किश्तों में छूट, या पुनर्भुगतान की नई योजना जैसे विकल्प प्रदान करते हैं।  

 
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