फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किराये के घर में रहते हैं? मकान मालिक के हर चार्ज का पैसा देना जरूरी नहीं, जानें नियम

Wed, 02 Sep 2026 09:34 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Living in a Rented House: किराये के घर में रहने वालों से कई बार अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं। लेकिन हर चार्ज मनमाने तरीके से नहीं वसूला जा सकता। किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, मेंटेनेंस और मरम्मत जैसे खर्चों की जिम्मेदारी किराये के एग्रीमेंट और लागू राज्य कानून के अनुसार तय होती है। 
 
विज्ञापन
1 of 5
मकान मालिक मांग रहा है एक्स्ट्रा पैसे? - फोटो : AI
किराये का घर ढूंढना जितना मुश्किल होता है, कई बार उसमें रहने के दौरान आने वाले अलग-अलग खर्चे उतने ही परेशान करने वाले साबित होते हैं। महीने का किराया तो तय होता है, लेकिन इसके अलावा कभी मेंटेनेंस, कभी मरम्मत, कभी पेंटिंग तो कभी दूसरे नाम पर पैसे मांगे जाने लगते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मकान मालिक किरायेदार से कोई भी चार्ज वसूल सकता है? इसका सीधा जवाब है नहीं, हर खर्च मनमाने तरीके से किरायेदार पर नहीं डाला जा सकता। कौन सा खर्च मकान मालिक देगा और किसकी जिम्मेदारी किरायेदार की होगी, यह किराये के एग्रीमेंट और संबंधित राज्य के लागू कानून पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
मकान मालिक मांग रहा है एक्स्ट्रा पैसे? - फोटो : Amar Ujala
बिना एग्रीमेंट के मनमाना चार्ज मांगना सही नहीं
किराये पर घर लेते समय रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। इसमें किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, मेंटेनेंस, मरम्मत और अन्य खर्चों की जिम्मेदारी साफ होनी चाहिए। यानी बाद में अचानक किसी नए चार्ज को लेकर विवाद न हो, इसके लिए शुरुआत में ही शर्तें स्पष्ट होना जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 5
मकान मालिक मांग रहा है एक्स्ट्रा पैसे? - फोटो : Amar Ujala
सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर कितने भी पैसे नहीं
आवासीय संपत्ति के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट दो महीने के किराये से अधिक नहीं होना चाहिए। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि Model Tenancy Act को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनाना होता है, इसलिए आपके इलाके में लागू नियम अलग हो सकते हैं। घर खाली करने के समय किरायेदार की किसी वैध देनदारी की कटौती के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करने का प्रावधान भी दिया गया है।

4 of 5
मकान मालिक मांग रहा है एक्स्ट्रा पैसे? - फोटो : Freepik
हर मरम्मत का बिल किरायेदार के सिर नहीं
घर में कोई खराबी आने पर हर खर्च किरायेदार से वसूल करना भी सही नहीं माना जा सकता। मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारियां कानून और किराये के एग्रीमेंट के अनुसार मकान मालिक और किरायेदार के बीच बांटी जा सकती हैं। सामान्य टूट-फूट को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों की मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारियां तय करने का प्रावधान है। इसलिए अचानक बड़ी मरम्मत का पूरा खर्च किरायेदार पर डालने से पहले एग्रीमेंट की शर्तें जरूर देखनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मकान मालिक मांग रहा है एक्स्ट्रा पैसे? - फोटो : Adobe Stock
बिना रसीद दिए पैसे मांगे तो रहें सतर्क
किराया या एग्रीमेंट में तय बाकी के चार्ज का भुगतान करते समय रिकॉर्ड रखना जरूरी है। डिजिटल पेमेंट का बैंक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और नकद भुगतान की स्थिति में रसीद जरूर लें। किरायेदारों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि किसी भी अतिरिक्त चार्ज को देने से पहले उसका कारण और एग्रीमेंट में उसका उल्लेख जरूर जांचें। राज्य के कानून अलग हो सकते हैं, इसलिए विवाद की स्थिति में अपने राज्य के लागू किरायेदारी कानून और एग्रीमेंट की शर्तों को देखना बेहतर है।
 

काम की बात: कितने पैसे मिलते हैं पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ने पर? आवेदन से पहले यहां जानें सबकुछ

क्या आप भी कर्ज में डूबे हुए हैं? खत्म करनी है देनदारी तो गांठ बांध लें ये 5 बातें

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें