किराये का घर ढूंढना जितना मुश्किल होता है, कई बार उसमें रहने के दौरान आने वाले अलग-अलग खर्चे उतने ही परेशान करने वाले साबित होते हैं। महीने का किराया तो तय होता है, लेकिन इसके अलावा कभी मेंटेनेंस, कभी मरम्मत, कभी पेंटिंग तो कभी दूसरे नाम पर पैसे मांगे जाने लगते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मकान मालिक किरायेदार से कोई भी चार्ज वसूल सकता है? इसका सीधा जवाब है नहीं, हर खर्च मनमाने तरीके से किरायेदार पर नहीं डाला जा सकता। कौन सा खर्च मकान मालिक देगा और किसकी जिम्मेदारी किरायेदार की होगी, यह किराये के एग्रीमेंट और संबंधित राज्य के लागू कानून पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं।