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Know Your Rights: पुलिस फोन करके थाने में बुलाए तो क्या करना चाहिए? जान लें अपने कानूनी अधिकार

Wed, 06 May 2026 06:38 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Legal Rights: अक्सर यह देखने को मिलता है कि कुछ लोगों को पुलिस सीधा फोन करके थाने बुलाती है। एसी स्थिति में अगर आपको अपने अधिकार मालूम हैं, तो आप बिना घबराएं इसका सामना कर सकते हैं। इसलिए आइए उन अधिकारों के बारे में जानते हैं।
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पुलिस बुलाए तो सबसे पहले क्या करें? - फोटो : AI
Police Station Call Rights: पुलिस का नाम सुनते ही अक्सर लोग डर और घबराहट महसूस करने लगते हैं। अगर कभी आम व्यक्ति को पुलिस थाने से फोन आ जाए तो वो और अधिक घबरा जाते हैं।  बता दें कि अगर कभी पुलिस आपको फोन करके थाने बुलाती है, तो घबराने के बजाय संयम से काम लें और पूरी विनम्रता के साथ उनसे बुलाने की वजह पूछें। भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता के कानूनी प्रावधानों के अनुसार, पुलिस किसी भी नागरिक को अपनी मर्जी से नहीं बुला सकती, उन्हें किसी को भी थाने बुलाने के लिए एक तय और उचित प्रक्रिया का पालन करना होता है। 

कानून यह साफ कहता है कि बिना किसी ठोस आधार या आधिकारिक लिखित नोटिस के आपको थाने आने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसलिए, अपने अधिकारों को समझें, क्योंकि आपकी जागरूकता ही आपको किसी भी तरह के मानसिक दबाव या उत्पीड़न से बचा सकती है। आइए इस लेख में यही समझते हैं कि पुलिस अगर फोन करके बुलाती है तो आपके पास क्या-क्या अधिकार हैं।
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पुलिस बुलाए तो सबसे पहले क्या करें? - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
पुलिस बुलाए तो सबसे पहले क्या करें?
  • फोन पर पुलिसकर्मी से पूछें कि क्या आपको गवाह के रूप में बुलाया जा रहा है या आरोपी के रूप में।
  • सीआरपीसी की धारा 160 के तहत किसी को भी बुलाने के लिए पुलिस को लिखित नोटिस देना जरूरी है, फोन कॉल कानूनन अनिवार्य आदेश नहीं माना जाता है।
  • अगर पुलिस नोटिस भेजती है, तो सुनिश्चित करें कि उस पर केस नंबर और संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर मौजूद हों।
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पुलिस नोटिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
थाने जाने से जुड़े आपके अधिकार
  • अगर आपको पुलिस नोटिस के जरिए बुलाती है तो सबसे पहले अपने वकिल से बात करें।
  • बता दें कि आपको अपने वकील के साथ थाने जाने का पूरा अधिकार होता है, खासकर अगर मामला गंभीर तो वकील के साथ ही जाएं।
  • महिलाओं को सुबह 6 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद थाने नहीं बुलाया जा सकता।

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पूछताछ के दौरान इन बातों का ध्यान रखें - फोटो : अमर उजाला।
पूछताछ के दौरान इन बातों का ध्यान रखें
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत आपको खुद के खिलाफ गवाही देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
  • किसी भी कोरे कागज या लिखित बयान पर तब तक हस्ताक्षर न करें जब तक आप उसे पूरी तरह समझ न लें।
  • पुलिस के साथ सहयोग करें लेकिन अपने अधिकारों पर अडिग रहें, दुर्व्यवहार होने पर उच्च अधिकारियों से शिकायत करें।
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कानूनी मदद कैसे प्राप्त करें? - फोटो : अमर उजाला
कानूनी मदद कैसे प्राप्त करें?
  • थाने जाने से पहले किसी विश्वसनीय वकील से बात करें ताकि आप कानूनी स्थिति को बेहतर समझ सकें।
  • अगर पुलिस बिना नोटिस के दबाव बनाए, तो आप संबंधित डीसीपी या एसपी को लिखित शिकायत दे सकते हैं।
  • अगर आपके पास वकील नहीं है, तो आप जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी मदद मांग सकते हैं।
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