आजकल अधिकतर घरों में एक वाहन जरूर होता है। अगर आपके घर में भी कोई वाहन है तो आपको ये पता होगा कि एक वक्त के बाद वाहन के टायर खराब होने लगते हैं। इस कारण उसे बदलवा दिया जाता है और पुराने टायर हटा दिए जाते हैं। क्या कभी आपने ये सोचा है कि उन पुराने टायरों का आखिर क्या किया जाता है? अगर आपके मन में भी ये सवाल आता है पर आपको इसका जवाब नहीं पता, तो आज आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं। दरअसल, इन पुराने टायरों को लेकर सरकार की एक पॉलिसी होती है। इसमें सरकार ने हाल ही में कुछ बदलाव किए हैं।
आइए इसके बारे में और भी विस्तार से जानते हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी मामले के लिए उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, हर साल देशभर में लगभग 2,75,000 टायरों को बेकार छोड़ दिया जाता है, वहीं इसके निपटारे के लिए कोई व्यापक योजना नहीं है।