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Kedarnath Yatra 2025: बस, टैक्सी या निजी वाहन; सोनप्रयाग के लिए क्या हैं बेहतर विकल्प?

Sat, 03 May 2025 04:08 PM IST
शिखर बरनवाल यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How to Reach Kedarnath: अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि केदारनाथ धाम के यात्रा के दौरान सोनप्रयाग पहुंचने के लिए बस से जाना अच्छा रहता है या टैक्सी से। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं। साथ ही ये भी जानेंगे कि निजी वाहन से जा सकते हैं या नहीं?
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चारधाम यात्रा 2025 - फोटो : Adobe Stock
Kedarnath Yatra: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय की गोद में बसा केदारनाथ धाम, भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस पवित्र तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए यात्री विभिन्न माध्यमों का सहारा लेते हैं। केदारनाथ धाम की यात्रा आप हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू कर सकते हैं। ज्यादातर लोग यह यात्रा हरिद्वार से शुरू करते हैं। केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए सबसे पहले हरिद्वार से सोनप्रयाग या गौरीकुंड तक पहुंचना होता है, और यहां से केदारनाथ धाम के लिए लगभग 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है, जिसे ज्यादातर लोग पैदल ही तय करना पसंद करते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि हरिद्वार से सोनप्रयाग तक की यात्रा के लिए बस और टैक्सी में से सबसे अच्छा विकल्प क्या है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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केदारनाथ मंदिर - फोटो : Adobe Stock
सबसे पहले बस का अनुभव जानते हैं
बस यात्रा उन श्रद्धालुओं के लिए सबसे किफायती विकल्प है जो कम बजट में केदारनाथ यात्रा करना चाहते हैं। उत्तराखंड परिवहन निगम और निजी बस ऑपरेटर हरिद्वार और ऋषिकेश से सोनप्रयाग या गौरीकुंड तक नियमित सेवाएं प्रदान करते हैं। बस का किराया लगभग 500-1000 रुपये प्रति व्यक्ति है, जो अन्य विकल्पों की तुलना में काफी कम है। 

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चारधाम यात्रा 2025 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस यात्रा सामूहिक उत्साह का अनुभव देती है, जहां यात्री एक-दूसरे के साथ धार्मिक भावनाएं साझा करते हैं। रास्ते में श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और अन्य पड़ावों पर विश्राम की सुविधा भी मिलती है। हालांकि, बस यात्रा में समय अधिक लग सकता है, क्योंकि पहाड़ी रास्तों पर गति धीमी रहती है। साथ ही पीक सीजन में बसों में सीट मिलना मुश्किल होता है।

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टैक्सी से सोनप्रयाग - फोटो : Freepik
टैक्सी का अनुभाव
टैक्सी या शेयर कैब उन यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प है जो आराम और समय की बचत को प्राथमिकता देते हैं। हरिद्वार से सोनप्रयाग तक टैक्सी का किराया अधिक लगभग 6 हजार हो सकता है, जबकि शेयर टैक्सी में प्रति व्यक्ति किराया 1000-1500 रुपये पड़ता है। टैक्सी में आप अपनी सुविधा के अनुसार रास्ते में रुक सकते हैं, जो परिवारों और बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। हालांकि, टैक्सी का खर्च बस की तुलना में अधिक है, जो कम बजट वाले यात्रियों के लिए चुनौती हो सकता है।
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केदारनाथ मंदिर - फोटो : Adobe Stock
निजी गाड़ी का अनुभव
निजी गाड़ी उन लोगों के लिए अच्छा है जो पूरी तरह आराम से जाना चाहते हैं। आप अपने समय और रास्ते का चयन कर सकते हैं, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग अनुभव और सड़क की स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है। निजी गाड़ी के साथ सबसे बड़ी चुनौती होती है कि रास्ते में बहुत जाम का सामना करना पड़ता है, साथ ही कई बार पहाड़ी इलाकों में पार्किंग खोजना मुश्किल हो जाता है। अब आप इनमें से अपनी सुविधा के हिसाब से वाहन चुन सकते हैं।
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