Protecting Bank Account From Cyber Fraud: डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल ने हमारे देश में वित्तीय लेन-देन को आसान बनाया है। मगर इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। अक्सर लोगों के मन में ये डर रहता है कि कहीं उनके बैंक अकाउंट से किसी भी तरह की धोखाधड़ी न हो जाए। डिजिटल बैंकिंग के दौर में उपभोगता की एक छोटी सी गलती भी उसका बैंक अकाउंट खाली कर सकती है।
अगर आप भी फिशिंग, सिम स्वैपिंग या किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करने के कारण अपनी मेहनत की कमाई गंवाते हैं, तो उस पैसे का वापस मिलना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में 'साइबर इंश्योरेंस' एक विकल्प के तौर पर उभर कर सामने आ रहा है।
आज के हाई-टेक दौर में, जहां 'डिजिटल अरेस्ट' और एआई-आधारित वॉयस स्कैम आम हो गए हैं, ऐसे में कुछ लोग साइबर बीमा पॉलिसी ले रहे हैं। ये न सिर्फ आपकी बचत को सुरक्षित रखता है बल्कि कानूनी लड़ाई और डेटा रिकवरी में होने वाले भारी खर्चों से भी राहत दिलाता है।