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Indian Railways: क्या है रेलवे की कवच तकनीक? कैसे करेगी काम? आसान शब्दों में यहां जानें सबकुछ

Thu, 03 Feb 2022 12:14 PM IST
ज्योति मेहरा यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्या है रेलवे की कवच तकनीक? - फोटो : iStock
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के चौथे बजट यानी बजट 2022 की घोषणा हो चुकी है। इसमें रेलवे को लेकर भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अगले 3 साल में 400 नई वंदे भारत ट्रेन तैयार की जाएंगी। भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क्स में से एक है। वहीं अब यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार ने एक सुपरहिट प्लान शुरू करने का एलान किया है। नई कवच तकनीक के जरिए लोगों का रेल सफर बेहद सुरक्षित बनाया जाएगा। इस प्लान के तहत आने वाले दिनों में देश में 2000 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया जाएगा। खास बात तो ये है, कि कवच तकनीक एक स्वदेशी तकनीक है, जो यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से काफी मददगार साबित हो सकती है। इसकी मदद से रेल की गति में सुधार और दुर्घटनाओं पर कंट्रोल किया जा सकेगा। दरअसल, इस बजट में रेल मंत्रालय को 140367.13 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं। ये रकम पिछले वित्त वर्ष से 20,311 करोड़ रुपये ज्यादा है।
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क्या है रेलवे की कवच तकनीक? - फोटो : pixabay
कैसे काम करेगी कवच तकनीक
  • इस कवच तकनीक की मदद से ट्रेन की गति में सुधार आने के साथ-साथ दुर्घटनाओं पर भी कंट्रोल किया जा सकेगा। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से साल 2017 में m-कवच एप को लॉन्च किया था, जिससे यात्रियों को काफी सुरक्षा मिली। 
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क्या है रेलवे की कवच तकनीक? - फोटो : istock
'एक स्टेशन एक उत्पाद' से मिलेगी राहत 
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 बजट पेश करते हुए अपने भाषण में कहा कि भारत अगले तीन साल में 400 नई और ऊर्जा की दृष्टि से किफायती वंदे भारत रेलगाड़ियों का निर्माण करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रेल क्षेत्र 'एक स्टेशन एक उत्पाद' भी विकसित करेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को रेलवे के जरिये ढुलाई की सुविधा मिलेगी। 

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क्या है रेलवे की कवच तकनीक? - फोटो : istock
  • वहीं बजट का स्वागत करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, 'डाक और रेलवे के एकीकरण के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर लॉजिस्टिक समाधान भी मिलेगा।' इस बजट में समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर (डीएफसी) के लिए 15710.14 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसका मतलब ये कि इस बार रेलवे के पास मजबूत फंड है।
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क्या है रेलवे की कवच तकनीक? - फोटो : istock
  • इसके साथ ही बजट के मुताबिक परिचालन और रखरखाव के लिए रेलवे द्वारा इन परिसंपत्तियों को मुद्रीकृत किया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने पटरियों के नवीनीकरण के लिए 13335.47 करोड़ रुपये, दोहरीकरण के लिए 12108 करोड़ रुपये और गेज परिवर्तन के लिए 2850 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इसके अलावा नई लाइन के लिए 25243 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
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