त्योहारी सीजन में ट्रेनों में काफी भीड़ देखने को मिलती है। खासकर अनारक्षित कोच में तय मात्रा से काफी अधिक यात्री सफर करते हैं। ट्रेनों में होने वाली अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रायल का दूसरा चरण जल्द शुरू होने वाला है। इसमें स्टेशन पर केवल उन्हीं यात्रियों को एंट्री दी जाएगी, जिनके पास टिकट है। यह ट्रायल करीब 1 महीने तक होगा। इस ट्रायल के जरिए रेलवे को पता चलेगा कि स्टेशन पर कितनी भीड़ होती है। रेलवे के इस कदम से पता चलेगा कि त्योहारों के समय स्टेशनों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाने होंगे। कुछ महीनों पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे को ध्यान में रखते हुए भीड़ को कैसे कम किया जा सकता है? उसी को मद्देनजर रखते हुए ये सब कदम उठाए जा रहे हैं।
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Indian Railways
- फोटो : AdobeStock
इसी के अंतर्गत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यह भी ट्रायल किया गया, जिसके अंतर्गत हर अनारक्षित कोच के लिए सिर्फ 150 टिकटों को ही जारी किया गया। इसके अंतर्गत प्रत्येक जनरल कोच में 150 टिकट जारी होने के बाद अन्य टिकट जारी नहीं की गई। यह ट्रायल लगभग 2 महीनों तक किया गया।
गौर करने वाली बात है कि जनरल कोच में अनारक्षित टिकट जारी करने को लेकर कोई नियम नहीं है। इसी वजह से जनरल टिकट की खूब बिक्री होती है। वहीं आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि एक जनरल कोच में कुल 80 सीटें होती हैं। कई बार एक जनरल कोच में 300 से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
इस ट्रायल के तहत ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से हर एक जनरल कोच के लिए केवल 150 सीटें ही जारी होंगी। वहीं बीच के स्टेशनों पर कोच की क्षमता को देखते हुए 20 फीसदी अनारक्षित टिकटों को ही जारी किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस ट्रायल में जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हो रहा है वह उन ट्रेनों की टिकटों की गिनती करेगा, जो अगले तीन घंटों में चलेंगी। इसे इस तरह समझिए अगर नई दिल्ली से लखनऊ के लिए अगले तीन घंटे में 4 ट्रेनें चलेंगी और प्रत्येक ट्रेनों में 4 जनरल कोच हैं तो कुल 16 कोच के लिए सिस्टम 2400 टिकट जारी करेगा। इसके बाद टिकट जारी होना बंद हो जाएंगे।