विज्ञान के क्षेत्र में उन्नति ने विकास के कई नए रास्तों को खोला है। यही एक वजह है, जिसके चलते बीते कुछ सालों में हमने विभिन्न मोर्चों पर काफी तरक्की की है। बढ़ते कार्बन उत्सर्जन और ई-वेस्ट के कारण दुनिया का झुकाव अब प्राकृतिक चीजों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में कई रिसर्च संस्थानों में किस तरह से मानव निर्मित वस्तुओं को प्राकृतिक चीजों से बदला जा सकता है। उस पर कई तरह के शोध को अंजाम दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में आईआईटी इंदौर ने एक खास तरह का शोध किया है। इसके अंतर्गत यह पता चला है कि हल्दी और मेहंदी का इस्तेमाल करके कैसे बल्ब को बनाया जा सकता है। पिछले चार साल से हर्बल इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में यह शोध चल रही थी। इस शोध को साइंस जर्नल मैग्जीन में प्रकाशित किया गया है। गौरतलब बात है कि इस तरह की तकनीक को बाजार में उतारने के लिए अभी काफी रिसर्च की जरूरत है। इसे बाजार में कैसे उतारा जा रहा है? इस दिशा में कई काम किए जा रहे हैं। हल्दी और मेहंदी के जरिए बल्ब बनाने वाला यह शोध आईआईटी इंदौर के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स के प्रोफेसर राजेश कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है।