Detention Without FIR Rules: कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोगों को पुलिस अपने थाने बुलाकर पुछताछ करती है। मगर कई ऐसे मामले भी देखने को मिलते हैं जिसमें पुलिस एफआईआर दर्ज न होने पर भी पुछताछ के नाम पर लोगों को कई घंटों तक थाने मैं बैठा लेती है। ऐसे में लोगों के मन सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि आखिर आम लोगों के पास क्या अधिकार होते हैं। क्या सच में पुलिस पूछताछ के नाम पर किसी को घंटों थाने में बैठाकर रख सकती है।
बता दें कि नए कानून (BNSS, 2023) के तहत पुलिस को जांच के लिए लोगों को बुलाने की शक्तियां तो मिली हैं, लेकिन नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए सख्त सीमाएं भी तय की गई हैं। इसलिए, यह सोचना कि एफआईआर के 'बिना पुलिस कुछ नहीं कर सकती' या फिर 'पुलिस अपनी मर्जी से जितनी देर चाहे थाने में बैठा सकती है' ये दोनों ही बातें पूरी तरह सही नहीं हैं। आइए इस लेख में इसी से जुड़ी जरूरी नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।