Soft vs Hard Credit Inquiry Explained: क्रेडिट स्कोर (जैसे CIBIL स्कोर) 300 से 900 के बीच की एक 3-अंक संख्या होती है जो आपकी वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाती है। यह आपके लोन लेने और क्रेडिट कार्ड का समय पर भुगतान करने के इतिहास पर आधारित होता है। क्रेडिट स्कोर आज के समय में आपकी वित्तीय पहचान का एक बड़ा पिलर बन चुका है। होम लोन से लेकर पर्सनल लोन तक, हर जगह इसकी अहमियत होती है।
अक्सर लोगों के मन में यह डर रहता है कि अपना क्रेडिट स्कोर बार-बार चेक करने से वह कम हो जाता है, लेकिन क्या यह वाकई सच है? बैंकिंग मानकों के अनुसार यह समझना जरूरी है कि स्कोर चेक करने के दो तरीके होते हैं सॉफ्ट इंक्वायरी और हार्ड इंक्वायरी।
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अगर आप खुद अपना स्कोर किसी ऐप या वेबसाइट पर चेक करते हैं, तो इसे 'सॉफ्ट इंक्वायरी' माना जाता है और इससे आपके स्कोर पर एक भी अंक का फर्क नहीं पड़ता। वहीं दूसरी ओर, जब आप लोन के लिए आवेदन करते हैं और बैंक आपकी रिपोर्ट मांगता है, तो उसे 'हार्ड इंक्वायरी' कहते हैं, जिससे स्कोर में मामूली गिरावट हो सकती है। आइए सरल करके समझते हैं।