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क्या गंदा पंखा ज्यादा बिजली खाता है? वर्षों से चली आ रही इस बात का सच जान लीजिए

Tue, 01 Sep 2026 05:51 PM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Dirty Ceiling Fan: पंखे पर धूल जमने से सीधे तौर पर बिजली की खपत अचानक बहुत ज्यादा नहीं बढ़ जाती। लेकिन लंबे समय तक सफाई न होने पर ब्लेड पर गंदगी जमा होने से हवा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और पंखा कूलिंग न दे। ऐसे में सफाई के साथ पंखे की मोटर, कैपेसिटर और कुल स्थिति की जांच करना ज्यादा जरूरी है। 
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पंखा साफ नहीं किया तो बढ़ जाएगा बिजली का बिल? - फोटो : AI
गर्मी के मौसम में घर का पंखा घंटों चलता है। सुबह से रात तक लगातार चलने वाले पंखे की तरफ आमतौर पर किसी का ध्यान नहीं जाता। जब ब्लेड पर धूल की मोटी परत नजर आने लगे तो सफाई जरूर कर दी जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पंखे को लंबे समय तक साफ न करने से बिजली का बिल भी बढ़ सकता है? इसका जवाब थोड़ा अलग है। सिर्फ ब्लेड पर धूल जम जाने से पंखे की बिजली खपत अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाए, ऐसा कहना सही नहीं होगा। पंखे की बिजली खपत मुख्य रूप से उसकी मोटर, स्पीड, डिजाइन और रोजाना इस्तेमाल होने वाले समय पर निर्भर करती है।
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ब्लेड के एलाइनमेंट को करें सही - फोटो : एआई जनरेटेड
धूल का असर फिर क्या होता है?
समय के साथ पंखे के ब्लेड पर धूल की मोटी परत जमा हो सकती है। इससे ब्लेड की सतह और हवा के बीच काम करने की स्थिति प्रभावित हो सकती है और पंखे का एयरफ्लो कमजोर महसूस हो सकता है। यानी पंखा पहले की तुलना में कम हवा दे सकता है। ऐसी स्थिति में हो सकता है कि आप ज्यादा ठंडक पाने के लिए पंखे को तेज स्पीड पर चलाएं या ज्यादा देर तक चलाते रहें। इसी वजह से बिजली की खपत बढ़ सकती है। लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि हर धूल भरा पंखा अपने आप काफी ज्यादा बिजली खींचने लगता है। पंखे की वास्तविक खपत उसके मोटर और तकनीकी स्थिति पर भी निर्भर करती है।
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इन 5 उपायों से पुराना सीलिंग फैन देगा बिल्कुल नई के जैसी हवा - फोटो : एआई जनरेटेड
पंखा साफ करने का फायदा क्या है?
पंखे की नियमित सफाई का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ब्लेड पर धूल की मोटी परत नहीं जमती और हवा का प्रवाह बेहतर बना रहता है। साथ ही पंखे की हालत देखकर यह भी पता लगाया जा सकता है कि कहीं मोटर, कैपेसिटर या किसी दूसरे हिस्से में समस्या तो नहीं है। अगर पंखा आवाज करने लगा है, पहले के मुकाबले धीमा चल रहा है या ठीक हवा नहीं दे रहा, तो सिर्फ ब्लेड साफ करके काम खत्म न करें। ऐसी स्थिति में पंखे की तकनीकी जांच भी करानी चाहिए।

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सीलिंग पर लगा पंखा - फोटो : Adobe Stock
बिजली बचाने में असली फर्क किससे पड़ता है?
अगर आपका मकसद बिजली का बिल कम करना है, तो पंखे की सफाई के साथ उसकी रेटेड पावर और इस्तेमाल के समय पर भी ध्यान दें। पंखा जितने ज्यादा घंटे चलता है, उतनी ही ज्यादा बिजली खर्च होगी। मोटर की तकनीक भी बड़ा अंतर पैदा करती है। उदाहरण के लिए भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक सामान्य सीलिंग फैन करीब 50-80 वाट तक बिजली ले सकते हैं, जबकि BLDC तकनीक वाले पंखे करीब 25-35 वाट तक बिजली खपत कर सकते हैं।  
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पंखा - फोटो : Adobe Stock
पंखे को साफ रखना है जरूरी 
इसलिए सिर्फ धूल को बिजली के बढ़े हुए बिल का जिम्मेदार मानना सही नहीं है। पंखे को साफ रखना अच्छी आदत है, लेकिन बिजली बचाने के लिए पंखे की तकनीक, स्पीड और इस्तेमाल के घंटों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

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