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जमीन खरीदने के बाद नहीं कराया दाखिल-खारिज? जान लें इसके तीन बड़े नुकसान

Mon, 28 Sep 2026 03:32 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Land Mutation Rules India: अक्सर ऐसा होता है कि कुछ लोग प्रॉपर्टी खरीदकर उसका दाखिल-खारिज करवाने में लापरवाही करने लगते हैं। इनमें से अधिकतर लोगों को दाखिल-खारिज से नुकसान के बारे में नहीं मालूम होता है। बता दें कि दाखिल-खरीज न कराने बहुत खतरे हो सकते हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए।
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जमीन दाखिल खारिज नियम - फोटो : AI
Land Mutation Rules India: नया घर या जमीन खरीदना किसी भी व्यक्ति के जीवन का बड़ा सपना होता है। अधिकांश लोग जमीन की रजिस्ट्री यानी बैनामा कराने के बाद यह मान लेते हैं कि वे जमीन के पूरे मालिक बन गए हैं। लेकिन वास्तव में सिर्फ रजिस्ट्री कराने से जमीन का मालिकाना हक पूरी तरह आपका नहीं होता।

इसके लिए सरकारी रिकॉर्ड में नामांतरण यानी दाखिल-खारिज कराना जरूरी होता है। अगर कोई समय रहते दाखिल-खारिज नहीं कराता हैं, तो सरकारी कागजातों में पुराना मालिक ही दर्ज रहता है। इससे धोखाधड़ी, कानूनी अड़चनों और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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धोखाधड़ी और अवैध कब्जे का बना रहता है भारी खतरा - फोटो : Adobe Stock
धोखाधड़ी और अवैध कब्जे का बना रहता है भारी खतरा
  • सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड यानी खसरा-खतौनी में पुराना नाम दर्ज रहने के कारण पिछला मालिक आपकी जमीन का गलत फायदा उठा सकता है।
  • वह धोखाधड़ी करके उस जमीन को किसी तीसरे व्यक्ति को दोबारा बेच सकता है या उस पर अपना दावा ठोक सकता है।
  • ऐसे मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ना आपके लिए बेहद मुश्किल और खर्चीला हो जाता है।
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भविष्य में जमीन बेचने और ट्रांसफर करने में कानूनी अड़चन - फोटो : Adobe Stock
भविष्य में जमीन बेचने और ट्रांसफर करने में कानूनी अड़चन
  • बिना दाखिल-खारिज के आप भविष्य में इस जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को कानूनी रूप से नहीं बेच सकते।
  • अगर इस बीच जमीन बेचने वाले मूल मालिक की मृत्यु हो जाती है, तो उनके कानूनी वारिसों से एनओसी लेने और कागजी प्रक्रिया पूरी करने में वर्षों लग जाते हैं।
  • इसके बिना जमीन का नामांतरण आपके नाम होना लगभग असंभव हो जाता है।

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बिजली-पानी कनेक्शन और प्रॉपर्टी टैक्स में आती हैं परेशानियां - फोटो : Adobe Stock
बिजली-पानी कनेक्शन और प्रॉपर्टी टैक्स में आती हैं परेशानियां
  • सामान्यतौर पर जमीन या मकान के दाखिल-खारिज के बिना स्थानीय नगर निगम या पंचायत में आपके नाम से प्रॉपर्टी टैक्स रसीद नहीं कटती।
  • इतना ही नहीं, नया बिजली या पानी का कनेक्शन लेते समय भी राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण की प्रति मांगी जाती है।
  • इसलिए रजिस्ट्री होते ही 30 से 45 दिनों के भीतर अपने नजदीकी तहसील या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दाखिल-खारिज का आवेदन तुरंत कर देना चाहिए।
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सरकारी योजनाओं और किसान आईडी में आती है दिक्कत - फोटो : Adobe Stock
सरकारी योजनाओं और किसान आईडी में आती है दिक्कत
  • अगर आपने कृषि योग्य भूमि खरीदी है और उसका म्यूटेशन नहीं कराया है, तो आपकी किसान आईडी नहीं बन पाएगी।
  • इसके कारण आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी कृषि योजनाओं और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
  • इसके अलावा, इस जमीन पर बैंक से क्रेडिट कार्ड या एग्रीकल्चर लोन मिलना भी नामुमकिन हो जाता है।
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