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ChatGPT: चैटजीपीटी ने कराई वकील की किरकिरी, कोर्ट में पेश करा दिए झूठे तथ्य

Mon, 29 May 2023 04:33 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ChatGPT - फोटो : Istock
इन दिनों ओपनएआई रिसर्च कंपनी द्वारा तैयार किए गए लैंग्वेज मॉडल टूल चैटजीपीटी का बिजनेस, एजुकेशन, कस्टमर सपोर्ट से लेकर गवर्नेंस और कई दूसरे क्षेत्रों में जमकर उपयोग किया जा रहा है। यही नहीं दुनिया में कई देशों की सरकार नीति निर्माण करने के लिए भी चैटजीपीटी जैसे टूल के इस्तेमाल को लेकर विचार और विमर्श कर रही हैं। एक तरफ जहां चैटजीपीटी जैसे लैंग्वेज मॉडल टूल की भविष्य में अच्छी संभावनाएं देखी जा रही हैं। वहीं उसी के समानांतर चैटजीपीटी से जुड़े कई नकारात्मक पहलू भी सामने निकलकर आने लगे हैं।

इसी कड़ी में चैटजीपीटी से जुड़ी एक घटना देश दुनिया में खूब सुर्खियां बटोर रही है। यह घटना एवियांका एयरलाइन से जुड़े एक केस की है, जहां वकील ने केस जीतने के लिए चैटजीपीटी से मिली जानकारियों का इस्तेमाल कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया। हालांकि, बाद में पता चला कि चैटजीपीटी से मिले जिन उद्धरणों और संदर्भों का जिक्र मामले की सुनवाई के दौरान किया गया था। वह पूरी तरह झूठे थे। 
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ChatGPT - फोटो : Istock
रोबर्टो माता को कोलंबियन एयरलाइन एवियांका में सफर करते समय सर्विंग कार्ट से चोट लग गई थी। ऐसे में रोबर्टो का प्रतिनिधित्व करते हुए वकील स्टीवन ने उनका मुकदमा कोर्ट में दायर किया। मुकदमा जीतने के लिए स्टीवन ने चैटजीपीटी के माध्यम से केस से जुड़ी जरूरी जानकारियों का अध्ययन किया। 
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ChatGPT - फोटो : Istock
इसके बाद मुकदमे की सुनवाई के दौरान स्टीवन ने चैटजीपीटी से मिले कई उद्धरणों का हवाला दिया, जो केस जीताने में उनका समर्थन कर रहे थे। हालांकि, जब विपक्षी पक्ष ने स्टीवन द्वारा दिए गए इन सभी तथ्यों की जांच की, तो पता चला की ये सभी उद्धरण और संदर्भ पूरी तरह झूठे थे। 

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ChatGPT - फोटो : Istock
इस बात के सामने आते ही यूएस जिला कोर्ट के न्यायाधीश केविन कास्टल ने स्टीवन की लीगल टीम से इस मामले को लेकर स्पष्टीकरण प्रपत्र की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश केविन कास्टल ने बताया कि स्टीव द्वारा अपने समर्थन में जमा किए गए उद्धरण फर्जी हैं। इसके अलावा जिन संदर्भों का उन्होंने केस में जिक्र किया है। वह भी झूठे हैं। 
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ChatGPT - फोटो : Istock
इस घटना के बाद स्टीवन ने इस बात का स्वीकार किया कि वह एआई द्वारा दी जाने वाली झूठी जानकारियों से अंजान थे। इसके अलावा उन्होंने केस की सुनवाई के दौरान एआई द्वारा मिलने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी के इस्तेमाल को लेकर भी खेद व्यक्त किया। आज के समय दुनियाभर में करोड़ों लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इस टूल द्वारा दी जाने वाली भ्रामक जानकारियां समाज में कई तरह के खतरे पैदा कर सकती है। 
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