Patient Rights Charter India Rules: अक्सर ऐसा देखा जाता है कि इलाज का भारी-भरकम बिल बकाया होने पर कुछ निजी अस्पताल मरीज को डिस्चार्ज करने से मना कर देते हैं या दुखद परिस्थिति में मृतक का शव परिजनों को सौंपने से इनकार कर देते हैं। मगर क्या कानूनन अस्पतालों को ऐसा करने का अधिकार है?
भारत के कानून और स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमों के अनुसार कोई भी अस्पताल, चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट, बकाया बिल के भुगतान न होने के आधार पर न तो किसी जीवित मरीज को बंधक बना सकता है और न ही किसी शव को रोक सकता है। ऐसा करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।