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Birth and Death Certificate के नए नियम: अब कैसे बनेगा बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट? यहां जानें सबकुछ आसान भाषा में

Wed, 05 Aug 2026 10:00 AM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Birth and Death Certificate Ka Bill Sansad Mein Pass: आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है ससंद में बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट से जुड़ा नया बिल पास हो चुका है जिसके बाद बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट के रजिस्ट्रेशन करवाने के नियम बदल गए हैं। 
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बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन के नियम में क्या बदलाव हुआ है? - फोटो : Amar Ujala AI
Birth and Death Certificate Registration New Rule: देश की संसद में इन दिनों मानसून सत्र चल रहा है और दोनों सदनों यानी राज्यसभा और लोकसभा में सरकार द्वारा कई बिल पेश किए जा रहे हैं। जहां कई बिल पास हो रहे हैं, तो कई बिलों पर चर्चा जारी जारी है।

इसी बीच संसद के मानूसन सत्र में 'जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधन) विधेयक 2026'  पास हो गया है। पहले ये बिल लोकसभा में पास हुआ जिसके बाद अब इसे राज्यसभा से भी पास कर दिया गया है। ऐसे में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियम में बदलाव हो गया है। चलिए जानते हैं क्या कहता है नया नियम...
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ओम बिरला, प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : ANI
क्या है जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधन) विधेयक 2026? 
  • दरअसल, जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधन) विधेयक 2026 संसद के दोनों सदनों में पास होने वाला बिल है
  • इस बिल के तहत अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन 1969 के मूल अधिनियम में बदलाव हो गए हैं
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बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन के नियम में क्या बदलाव हुआ है? - फोटो : Adobe Stock
क्यों बदला गया है नियम?
  • नियमों में बदलाव को लेकर सरकार का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य देर से होने वाले रजिस्ट्रेशन के नियमों को सख्त बनाना है
  • साथ ही फर्जीवाड़े और गलत पहचान पत्र बनने से रोकने के लिए ये बिल लाया गया है

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बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन के नियम में क्या बदलाव हुआ है? - फोटो : Adobe Stock
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन के नियम में क्या बदला है?

पहला नियम
  • अगर किसी के जन्म की या मृत्यु की जानकारी एक साल के बाद, लेकिन दो साल के भीतर दी जाती है तो ऐसे व्यक्ति का बर्थ या डेथ सर्टिफिकेट सिर्फ जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) या उनकी ओर से अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति और जांच के बाद ही बन सकेगा
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बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन के नियम में क्या बदलाव हुआ है? - फोटो : Adobe Stock
दूसरा नियम
  • वहीं, अगर बच्चे का जन्म हुए और व्यक्ति के निधन को दो साल से अधिक का समय बीत चुका है तो ऐसे में जन्म प्रमाण पत्र और डेथ सर्टिफिकेट के लिए सिर्फ फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा
  • इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर बर्थ सर्टिफिकेट या डेथ सर्टिफिकेट बनवाने में दो साल से अधिक की देरी होती है, तो मामला प्रशासनिक दफ्तरों से निकलकर सीधे कोर्ट पहुंच जाएगा और कोर्ट से ही सत्यापित होगा

नोट:- अगर किसी बच्चे का जन्म होता है या किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसका जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाना होता है, लेकिन अगर इसमें देरी होती है तो इसके नियम अब बदल गए हैं।
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