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Trading Scams: ठगों ने नोएडा में दो लोगों से की 43 लाख रुपये की ठगी, जानें जालसाजों का नया खेल

Fri, 10 Jul 2026 07:21 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cyber Fraud Awareness: हाल ही में नोएडा से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें ठग दो लोगों से लगभग 43 लाख रुपये ठगे हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि ये ठग किस तरह से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
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साइबर ठगी से कैसे बचें - फोटो : AI
Online Trading Scam NOIDA: आजकल साइबर जालसाज शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। हाल ही में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दो अलग-अलग लोगों से करीब 43 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां पीड़ितों को पहले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और फिर मोटा मुनाफा दिखाकर जाल में फंसाया गया।

यह खबर हमारे लिए एक बड़ा सबक है कि इंटरनेट की दुनिया में किसी अनजान के बहकावे में न आएं। आइए इस लेख में समझते हैं कि जालसाज आजकल लोगों को अपना शिकार कैसे बनाते हैं और उसके लिए किस तरह का खेल रचते हैं।
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विश्वास जीतने के लिए पहले देते हैं छोटा मुनाफा - फोटो : Adobe Stock
विश्वास जीतने के लिए पहले देते हैं छोटा मुनाफा
जालसाजों का सबसे पहला पैंतरा होता है कि वे आपको शुरुआती छोटे निवेश पर तुरंत अच्छा रिटर्न (लाभ) बैंक खाते में भेज देते हैं। यानी पहले विश्वास जीतते हैं फिर आपको झांसे में लेते हैं। जब निवेशक को यकीन हो जाता है कि यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह असली है, तो वह बिना सोचे-समझे अपनी जिंदगी भर की मोटी कमाई या लाखों रुपये उनके बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता है।
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व्हाट्सएप ग्रुप और नकली एप्स का मायाजाल - फोटो : AI
व्हाट्सएप ग्रुप और नकली एप्स का मायाजाल
ठग अक्सर सोशल मीडिया पर 'फ्री स्टॉक टिप्स' या 'इन्वेस्टमेंट एडवाइजर' बनकर संपर्क करते हैं और आपको एक व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ देते हैं। इन ग्रुप्स में पहले से मौजूद ठगों के ही कुछ साथी फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर करके भारी मुनाफे का दावा करते हैं। इसके अलावा, वे आपको एक प्ले-स्टोर जैसी दिखने वाली नकली ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाकर उसमें आपका फर्जी मुनाफा दिखाते रहते हैं।

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पैसे निकालने (विड्रॉल) पर लगाते हैं अजीब शर्तें - फोटो : AI
पैसे निकालने (विड्रॉल) पर लगाते हैं अजीब शर्तें
जब पीड़ित अपनी निवेश की गई रकम या मुनाफे को अपने बैंक खाते में निकालना चाहता है, तो ठगों का असली खेल शुरू होता है। वे पैसा देने के बजाय टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या पेनल्टी के नाम पर 10% से 20% अतिरिक्त रकम जमा करने की शर्त रख देते हैं। जैसे ही पीड़ित और पैसे देने से मना करता है, ठग ग्रुप से हटाकर अपना फोन बंद कर लेते हैं।
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साइबर ठगी से बचने के लिए तुरंत यहां करें शिकायत - फोटो : FREEPIK
साइबर ठगी से बचने के लिए तुरंत यहां करें शिकायत
अगर आप भी किसी ऐसे झांसे में आ गए हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। इसके अलावा, आप भारत सरकार के आधिकारिक NCRP (cybercrime.gov.in) पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत, बैंक ट्रांजैक्शन की डिटेल्स और स्क्रीनशॉट के साथ ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। ध्यान रखें जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे वापस मिलने की उम्मीद उतनी ही ज्यादा होती है।
 
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साइबर ठगी से बचने के लिए खुद कैसे बरतें सतर्कता? - फोटो : Freepik
साइबर ठगी से बचने के लिए खुद कैसे बरतें सतर्कता?
  • डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सबसे जरूरी है कि आप किसी भी अनजान व्यक्ति के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। 
  • जब भी कोई आपको सोशल मीडिया या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रातों-रात अमीर बनने या शेयर बाजार में बिना जोखिम के भारी मुनाफे का लालच दे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। 
  • सेबी से रजिस्टर्ड अधिकृत सलाहकारों के माध्यम से ही निवेश करें और किसी भी अज्ञात ऐप को अपने फोन में डाउनलोड न करें। 
  • इसके अलावा, अपने बैंक खाते की जानकारी, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी से साझा न करें। 
  • अगर कोई आपको पैसा निकालने के लिए अतिरिक्त फीस जमा करने को कहे, तो समझ जाएं कि वह धोखाधड़ी है और तुरंत अपने पैसे का लेन-देन रोक दें।
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