भारत में बड़ी मात्रा में लोग बैंकिंग से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। देश भर में ऐसे लोगों की संख्या काफी अधिक है, जिनके पास एक या उससे अधिक बैंक अकाउंट हैं। अक्सर देखने को मिलता है कि जब भी हम किसी जॉब को बदलते हैं, तो इस कारण हमको बैंक अकाउंट को भी बदलना पड़ता है। ऐसे में सैलरी और ट्रांजैक्शन से जुड़ी गतिविधियां हमारे नए अकाउंट में ज्यादा होने लगती हैं। वहीं हमारे पुराने बैंक अकाउंट में ट्रांजैक्शन काफी कम हो जाते हैं। इस कारण बैंक, ग्राहकों के जीरो बैलेंस के सैलरी अकाउंट को सैलरी क्रेडिट न होने पर सेविंग्स अकाउंट में बदल देते हैं। इस कारण खाते में न्यूनतम जमा राशि को न रखने पर बैंक, ग्राहकों से एक्स्ट्रा चार्ज को वसूलते हैं। अगर आपके पास भी कोई ऐसा अकाउंट है, तो उसे तुरंत बंद करा दीजिए। वरना आपको एक बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।