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Axiom-4: राकेश शर्मा जमीन पर उतरे थे, तो शुभांशु शुक्ला की लैंडिंग समुद्र में क्यों हुई? जानिए वजह

Wed, 16 Jul 2025 02:25 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह सवाल जहन में उठना लाजमी है कि शुभांशु शुक्ला की लैंडिंग समुद्र में क्यों की गई वहीं राकेश शर्मा की लैंडिंग जमीन पर क्यों हुई थी?
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Axiom 4 - फोटो : एएनआई (फाइल)
शुभांशु शुक्ला की Axiom-4 मिशन के अंतर्गत कल दोपहर करीब 3 बजे दक्षिणी कैलिफोर्निया तट के पास प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग हुई। वहीं क्या आपको इस बारे में पता है कि भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की साल 1984 में सोवियत सैल्यूट 7 अंतरिक्ष स्टेशन के अपने मिशन के बाद लैंडिंग कजाकिस्तान में हुई थी। ऐसे में यह सवाल जहन में उठना लाजमी है कि शुभांशु शुक्ला की लैंडिंग समुद्र में क्यों की गई वहीं राकेश शर्मा की लैंडिंग जमीन पर क्यों हुई थी? स्प्लैशडाउन (अंतरिक्ष से पृथ्वी पर उतरने की प्रक्रिया) में समुद्र में उतरना ज्यादा आसान और सुरक्षित माना जाता है। समुद्र में लैंडिंग होने से यान के मलबे का व्यवसायिक या आवासीय इलाकों के ऊपर गिरने की संभावना कम होती है। 
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Axiom 4 - फोटो : वीडियो ग्रैब + PTI
हालांकि, इसमें पूरी तरह से सच्चाई नहीं है। जमीन पर भी यान को सुरक्षित ढंग से उतारा जा सकता है। जमीन पर लैंड करने से पहले अंतरिक्ष यान का पैरासूट खुल जाता है। इसके बाद वह पैरासूट के सहारे जमीन पर लैंड करता है। 

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Axiom 4 - फोटो : Amar Ujala
अक्सर कजाकिस्तान के मैदानों या दूर दराज के इलाकों में अंतरिक्ष यान को उतारा जाता है। जमीन पर उतारने से यह फायदा होता है कि समुद्री लागतों और जटिलताओं से बचा जा सकता है। 

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Axiom 4 - फोटो : एएनआई (फाइल)
चीन भी अपने कई स्पेस मिशनों की लैंडिंग आंतरिक मंगोलिया में करवाता है। भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की लैंडिंग सोयुज टी-10 मॉड्यूल कजाकिस्तान के अर्कालिक के पास दलदले मैदानों में कराई गई थी। 

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Axiom 4 - फोटो : वीडियो ग्रैब
आपको इस बारे में पता होना चाहिए जमीन पर उतरने वाले कैप्शूल के ऊपर जोरदार प्रभाव पड़ता है। इससे सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित एस्ट्रोनॉट को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस कारण दुनिया की कई अंतरिक्ष एजेंसिया अपनी सुविधा और बाकी कई चीजों का ध्यान रखकर एस्ट्रोनॉट की लैंडिंग समुद्र या जमीन पर करवाती हैं।

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