आधार की फोटोकॉपी छोड़ना पड़ सकता है भारी
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क्या है Aadhaar Authentication History?
जब आप किसी सेवा के लिए आधार का इस्तेमाल करते हैं और ओटीपी, फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए अपनी पहचान सत्यापित करते हैं तो उसकी जानकारी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI के सिस्टम में रिकॉर्ड हो जाती है। इस डिजिटल रिकॉर्ड को Aadhaar Authentication History कहा जाता है। इसके जरिए पिछले 6 महीनों के दौरान हुए आधार ऑथेंटिकेशन प्रयासों की जानकारी देखी जा सकती है। हिस्ट्री में यह पता लगाया जा सकता है कि आधार का सत्यापन किस तारीख, किस समय और किस माध्यम से किया गया था। अगर कोई ऐसा ऑथेंटिकेशन दिखाई दे, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है तो आप संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर सकते हैं।