भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर पहलवानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद बृजभूषण फिर विवादों में आ गए हैं। यह पहला मौका नहीं है, जब वह विवादों से घिरे हैं। आइए जानते हैं कि इससे पहले कब बृजभूषण सिंह विवादों में शामिल हुए।
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण सिंह एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। भारत के लिए ओलंपिक में पदक लाने वाले कई पहलवानों की अगुआई में युवा पहलवान बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर मनमाने तरीके से कुश्ती संघ चलाने, पहलवानों को मिलने वाले पैसे में हेरफेर करने और महिला खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब बृजभूषण विवादों में आए हैं। विवादों से उनका पुराना नाता रहा है। आइए जानते हैं कि इससे पहले वह कब-कब विवादों में रहे हैं।
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भरे मंच में पहलवान को थप्पड़ मारा
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बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : social media
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बनने के बाद बृजभूषण सिंह ने दिसंबर 2021 में पहलवान को भरे मंच में थप्पड़ जड़ दिया था। उन्होंने पहलवान को दो थप्पड़ मारे थे। यह घटना रांची में अंडर-15 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में हुई थी। यह पहलवान 15 साल से ज्यादा उम्र का था और तकनीकि टीम ने उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया था। इसी बात नाराज पहलवान बृजभूषण से बात करने के लिए मंच पर पहुंच गया था। इससे नाराज कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने उसे थप्पड़ मार दिया था। बाद में उन्होंने कहा था कि उनके संघ में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। बृजभूषण के युवा पहलवान को थप्पड़ जड़ने का वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था।
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राज ठाकरे को धमकी दी
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राज ठाकरे और बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : amar ujala
मई 2020 में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले राज ठाकरे ने कहा था कि वह भी रामलला के दर्शन करने आएंगे। इसके बाद बृजभूषण सिंह ने उनका जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि राज ठाकरे उत्तर भारतीयों का अपमान करते रहते हैं। उन्हें पहले माफी मांगनी होगी, तभी वह दर्शन कर पाएंगे। ऐसा नहीं हुआ तो चाहे वो सेना लेकर आ जाएं, लेकिन उन्हें अयोध्या में घुसने नहीं दिया जाएगा। हालांकि, बाद में उन्हें इस मामले में झुकना पड़ा और उन्होंने कहा कि अगर ठाकरे अयोध्या आते हैं तो वह उनका स्वागत करेंगे।
मुसलमानों को आतंकी कहा
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बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : amar ujala
दिसंबर 2021 में बृजभूषण सिंह ने राम मंदिर पर बात करते हुए विवादित बयान दे दिया था। उन्होंने कहा था कि एक बार जनता ने भाजपा को फिर से जनादेश दे दिया तो अखिलेश यादव अल्लाह-अल्लाह चिल्लाने लगेंगे। इसके बाद उन्होंने कहा था कि कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा को आतंकवादी करार देने में कांग्रेस ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि मैं सभी मुसलमानों पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। लेकिन यह सत्य है कि जितने आतंकवादी हैं वह मुसलमान ही हैं। आजादी के बाद जिन्ना तना और मूल ले गए, लेकिन जड़ देह में ही छोड़ गए। जिसका खामियाजा आज देश भुगत रहा है।
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योगी सरकार पर साधा था निशाना
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बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
अक्तूबर 2022 में नवाबगंज क्षेत्र में बाढ़ के हालात पर बात करते हुए बृजभूषण सिंह ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मुझसे कुछ मत पूछिए, कुछ कह दो तो बागी बता देंगे। इसके बाद उन्होंने कहा था कि बाढ़ पीड़ित भगवान भरोसे हैं। जनप्रतिनिधियों की जुबान बंद है। सिर्फ सुनना है, बोलना नहीं है। कहा कि सरकार कोई भी होती थी। बाढ़ से पहले एक तैयारी बैठक होती थी। मुझे नहीं लग रहा है कि कोई तैयारी बैठक हुई है।
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अयोध्या मंदिर के मामले पर केस चला
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बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृजभूषण सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत एक हिंदूवादी नेता के रूप में हुई थी और इसी वजह से वह विवादों में भी फंस गए थे। बृजभूषण शरण सिंह उन 40 आरोपियों में से एक थे, जिन्हें 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के लिए जिम्मेदार कहा गया था। हालांकि, लंबे समय तक कानूनी लड़ाई के बाद 30 सितंबर 2020 को कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
बृजभूषण शरण सिंह को 1996 में जेल भी जाना पड़ा था। वह तिहाड़ जेल में रहे थे। उन्हें टाडा के तहत जेल भेजा गया था। बृजभूषण को 1992 में मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में हुए शूटआउट में आरोपी बनाया गया था। उन पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के शूटर्स सुभाष ठाकुर और बृजेश सिंह की मदद करने के आरोप लगे थे। हालांकि, बाद में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था।