द ग्रेट खली को आज भारत के घर-घर में लोग जानते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने विदेश में जाकर भारत को अलग पहचान दिलाई है। 7 फुट एक इंच लंबे कद और 157 किग्रा वजन वाले खली ने दुनिया के तमाम दिग्गज पहलवानों को वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) की रिंग में धूल चटाई और अपने आप को भारत का सबसे शक्तिशाली पहलवान साबित किया। द ग्रेट खली का असली नाम दलीप सिंह राणा है। 7 अक्टूबर 2000 में उन्होंने रिंग में कदम रखा और फिर अंडरटेकर जैसे दिग्गज फाइटर को सिर्फ दस मिनट में ही चित कर दिया। खली पहली बार रिंग में प्रवेश करने के बाद ही सुर्खियों में छा गए। उन्होंने आगे चलकर अपने करियर में कई ऊंचाइयां छुई और भारत का परचम लहराया। मगर द ग्रेट खली को रिंग तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा था। उनकी सफलता का मंत्र रहा कड़ी मेहनत करना।
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द ग्रेट खली
- फोटो : twitter
दलीप सिंह राणा का जन्म 27 अगस्त, 1972 को हिमाचल प्रदेश के धिराना गांव में हुआ था। अब खली भले ही इंटरनेशनल स्टार हो, लेकिन वे कभी 'रोड परियोजना' के लिए पत्थर तोड़ने का काम करते थे। खली के गांव धिराना की औरतें उन्हें भारी भरकम काम, जैसे जानवरों को उठाकर एक जगह से दूसरी जगह रखना, सामान उठवाना जैसे काम करवाती थीं। खली के छह भाई-बहन थे जिनमें वो सबसे अलग थे। उन्हें बचपन से ही बीमारी थी जिसकी वजह से वो सबसे असामान्य तथा बड़े दिखते थे। उनकी यही बीमारी आगे चलकर उनकी ताकत बनी। खली का शरीर काफी भारी-भरकम था, जिसके कारण उनके नाप के जूते मार्केट में नहीं मिलते थे। वे दूसरे गांव के किसी मोची से अपने नाप के जूते-चप्पल बनवाते थे। उन दिनों जब भी वे बाहर निकलते थे तो लोग उन्हें घूरते थे और मज़ाक उड़ाते थे और आज वही लोग उन्हें देखने के लिए लाइन लगाते हैं।
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the great khali
द ग्रेट खली ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'साल 1995 में मैंने चार हजार रुपए में मैंने अपना पहला टीवी खरीदकर जब डब्लूडब्लूएफ कुश्ती देखी तो लगा कि ये कोई फिल्म है। दो दिन के बाद मुझे असलियत पता चली।' यहां से खली ने रेसलिंग को अपना सपना बना लिया। खली को प्रो रेसलिंग में लड़ने के लिए अमेरिका जाकर ट्रेनिंग लेना था। मगर पैसों की तंगी ने उनके जाने पर ग्रहण लगा रखा था। लेकिन कहते है न कि जुनून और कड़ी मेहनत का कॉम्बिनेशन हो तो हर तकलीफ से पार पाया जा सकता है। खली के साथ ऐसा ही हुआ। उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत करके 40,000 हजार रुपए इकट्ठा किए। फिर अमेरिका के लिए वो निकल गए।
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Khali
अपनी जमा पूंजी इकट्ठी कर जब खली सेन फ्रांसिस्को पहुंचे तो उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनके पास पैसे कम थे और उन्हें अमेरिकी ट्रेनिंग लेनी थी इसलिए उन्होंने जमीन पर सोकर भी कई रातें बिताईं। आखिर में उन्हें जापान और मैक्सिको जाकर फाइट करने का मौका मिला जहां वे 'जायंट सिंह' के नाम से मशहूर हुए।
फिर तो सभी को पता है कि खली ने रेसलिंग में क्या धूम मचाई है। उन्होंने अंडरटेकर को मात दी। बिग शो को पटखनी दी। खली ने wwe के दिग्गज सितारों को अपने कद और दम से दबाकर रखा। उनकी लोकप्रियता को देखकर कई हॉलीवुड फिल्मों में उन्हें काम मिला। वे बॉलीवुड की फिल्मों और रियालिटी शो में भी नजर आए।