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National Sports Day 2022: नीरज के गोल्ड से राष्ट्रमंडल खेलों तक, 2021 से खेल में भारत के 10 खास लम्हे

Mon, 29 Aug 2022 09:00 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2021 से लेकर अब तक भारत ने खेल की दुनिया में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रीय खेल देवस के मौके पर हम इन उपलब्धियों के बारे में बता रहे हैं। 
 
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2021 से भारतीय खिलाड़ियों ने देशवासियों को खुशी मनाने के कई मौके दिए हैं - फोटो : सोशल मीडिया
भारत में क्रिकेट के अलावा बाकी खेलों को तवज्जो कम ही दी जाती और इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में तस्वीर बदली है। साल 2021 से लेकर अब तक भारत ने खेल जगत में कई खास उपलब्धियां हासिल की हैं। इसकी शुरुआत गाबा में टेस्ट मैच जीतने से हुई थी। इसके बाद ओलंपिक,पैरालंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के खिलाड़ियों बेहतरीन प्रदर्शन किया। ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीता तो राष्ट्रमंडल खेलों में महिला लॉन बॉल टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर सभी को चौंका दिया। यहां हम खेल से जुड़े ऐसे ही 10 लम्हों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से हर भारतीय का सर गर्व उंचा हो गया और आज राष्ट्रीय खेल दिवस मनाना सार्थक है। 
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1. नीरज चोपड़ा के कारनामे

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डायमंड लीग जीतने के बाद नीरज चोपड़ा - फोटो : Instagram : @media.iccsai
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वे ओलंपिक में सोना जीतने वाले पहले एथलीट बने। वहीं, वो दूसरे भारतीय बने, जिन्होंने एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनसे पहले अभिनव बिंद्रा ने यह कारनामा किया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए यूजीन में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। इसके बाद डायमंड लीग में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 
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2. ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

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टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी - फोटो : amar ujala
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कमाल का रहा। इस बार भारत ने अपने ओलंपिक इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टोक्यो में हुए ओलंपिक 2020 में भारत ने कुल 7 पदक अपने नाम किए। भारत 1900 से ओलंपिक में हिस्सा ले रहा है और भारतीय खिलाड़ियों का अब तक का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे पहले भारत ने 2012 के लंदन ओलंपिक में 6 पदक जीते थे। भारत के लिए नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, रवि दाहिया, लवलीना और पीवी सिंधू जैसे खिलाड़ियों ने पदक जीते। 

3. पैरालंपिक में किया कमाल 

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पैरालंपिक खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला मुंबई
टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 19 पदक जीते और पदक तालिका में देश 24वें स्थान पर रहा। रियो पैरालंपिक में महज चार पदक जीतने वाले भारत ने टोक्यो में 19 पदक जीते। यह भारत का पैरालंपिक में अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल पांच गोल्ड, आठ सिल्वर और छह ब्रांज मेडल जीते। भारत ने 1972 में पहली बार पैरालंपिक में हिस्सा लिया था, उसके बाद से लेकर 2016 तक भारतीय खिलाड़ी कुल मिलाकर 12 ही पदक जीत पाए थे। 
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4. राष्ट्रमंडल खेलों में 61 पदक जीते

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बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल क्लोजिंग सेरेमनी - फोटो : सोशल मीडिया
2022 राष्ट्रमंडल खेलों में शूटिंग को शामिल नहीं किया गया था। इसी खेल में भारत सबसे ज्यादा पदक हासिल करता रहा है। ऐसे में डर था कि इस बार भारत में पदकों की संख्या काफी कम होगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सबसे पहले वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल किया फिर लॉन बॉल में अप्रत्याशित पदक मिले। एथलेटिक्ट में भी कई खिलाड़ियों ने पदक दिलाए, जिनसे उम्मीद कम थी। अंत में सभी 12 पहलवानों ने पदक जीते और भारत की झोली में कुल 61 पदक आ गए। 
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5. ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में हॉकी टीम ने पदक जीता

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राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने के बाद पुरुष हॉकी टीम - फोटो : सोशल मीडिया
टोक्यो ओलंपिक में भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। 41 साल बाद ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने कोई पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। पिछले कई सालों से भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक में पदक नहीं जीत पा रही थी, लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने पदक का सूखा खत्म किया। इसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारतीय हॉकी टीम रजत पदक जीतने में सफल रही। राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष हॉकी टीम ने आठ साल बाद कोई पदक जीता। 
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6. ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में महिला हॉकी टीम का कमाल

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कनाडा को हराने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम - फोटो : सोशल मीडिया
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी। हालांकि, इस बार भी हॉकी में महिला टीम कोई पदक नहीं जीत पाई थी, लेकिन यह पहला मौका था, जब ओलंपिक में भारत की महिला टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारत की महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया था। सेमीफाइनल मैच में भी भारत के पास जीत का मौका था, लेकिन छोटी से गलती हार की वजह बन गई। इस गलती की भारपाई राष्ट्रमंडल खेलों में की और कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। 

7. मीराबाई चानू ने दिलाए पदक

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मीराबाई चानू - फोटो : सोशल मीडिया
मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक के दूसरे दिन ही सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। उन्होंने वेटलिफ्टिंग में भारत को पदक दिलाया था। चानू टोक्यो ओलंपिक में भारत को पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी थीं। इसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने देश को पहला स्वर्ण दिलाया। मीराबाई चानू ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की। वजन उठाने में कोई दूसरी पहलवान उनके आस-पास भी नहीं थी। 

8. मिताली राज का संन्यास

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मिताली राज - फोटो : अमर उजाला
महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज मिताली राज ने इसी साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। पिछले साल ही वो महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनी थीं। उन्होंने इंग्लैंड की एडवर्ड्स को पीछे छोड़ा था, जिन्होंने 10,273 रन बनाए थे। उन्होंने भारत और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच के दौरान यह उपलब्धि हासलि की। मिताली ने टीम इंडिया के लिए 10,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने भारतीय टीम से छह वर्ल्ड कप खेले हैं। मिताली ने 2000, 2005, 2009, 2013, 2017 और 2022 में वर्ल्ड कप खेला।

9. सुनील छेत्री ने बनाया रिकॉर्ड

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सुनील छेत्री - फोटो : सोशल मीडिया
भारत की फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने इस साल फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी पेले को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 84 गोल कर लिए हैं, जबकि पेले ने 77 गोल किए थे। मौजूदा समय में फुटबॉल खेल रहे खिलाड़ियों की सूची में छेत्री तीसरे नंबर पर हैं। मेसी इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। वहीं रोनाल्डो मौजूदा समय में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं।
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10. गाबा में टेस्ट मैच जीता

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गाबा टेस्ट जीतने के बाद भारतीय टीम - फोटो : सोशल मीडिया
2021 की शुरुआत में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को गाबा के मैदान में हराया था। कंगारू टीम 32 साल बाद इस मैदान पर हारी थी। टीम इंडिया ने यहां चौथी पारी में 300 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा किया और जीत हासिल की। खास बात यह थी कि इस मैच में विराट, बुमराह, अश्विन, शमी और ईशांत शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी नहीं थे। इसके बावजूद ऋषभ पंत और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत को दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जिताई थी।
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